Thursday, March 19

आगरा: रमीज और परवेज ने एसएन मेडिकल कॉलेज में बनाया ‘इस्लामिक मेडिकोज’ ग्रुप, एजेंसी की रडार पर छात्र

 

This slideshow requires JavaScript.

 

आगरा: केजीएमयू के डॉक्टर रमीज मलिक और दिल्ली बम धमाके में आरोपी डॉक्टर परवेज अंसारी के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। जांच के दौरान पता चला है कि दोनों ने 2012 में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद छात्रों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने के लिए ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नामक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था।

 

जानकारी के अनुसार, रमीज और परवेज दोनों एसएन मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रहते थे। हॉस्टल में प्रवेश के बाईं ओर स्थित मस्जिद में वे बाहरी लोगों के साथ नमाज पढ़ते थे। एजेंसी अब इस ग्रुप और उनके संपर्क में आए लोगों की पूरी छानबीन कर रही है।

 

छात्राओं को फंसाने का जाल:

रमीज और परवेज ने छात्राओं को धर्मांतरण के जाल में फंसाने के लिए ग्रुप में कई मौलानाओं को भी जोड़ा। रमीज ने कथित तौर पर बैच की टॉपर छात्रा को अपने जाल में फंसाया। इसके अलावा, ग्रुप के अन्य सदस्यों ने भी छात्राओं से दोस्ती कर उन्हें अपने जाल में लाने का प्रयास किया।

 

हर साल मुस्लिम युवकों की भर्ती:

2012 से 2017 तक हर साल लगभग 15 मुस्लिम छात्र एसएन मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेते थे। इन्हें ग्रुप में जोड़कर छात्राओं को फंसाने का काम सौंपा जाता था। कई छात्राएं इस जाल में फंस भी चुकी थीं।

 

मस्जिद में विवाद और बाहरी लोग:

हॉस्टल में मस्जिद में बाहरी लोगों के नमाज अदा करने को लेकर कई बार विवाद भी हुआ। रमीज और परवेज के एसएन मेडिकल कॉलेज से जुड़े कनेक्शन के सामने आने के बाद एजेंसी यूपी और कश्मीर सहित अन्य राज्यों से जुड़े छात्रों और जूनियर डॉक्टरों का ब्योरा खंगाल रही है।

 

पृष्ठभूमि:

रमीज को केजीएमयू में महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ और धर्मांतरण के प्रयास के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। दिल्ली धमाके के आरोपी परवेज अंसारी भी इसी मामले में शामिल हैं। अब आगरा से जुड़े नए खुलासे जांच को और व्यापक बना रहे हैं।

 

Leave a Reply