
बरसाना, मथुरा: विश्वप्रसिद्ध लाडलीजी राधा रानी मंदिर में रविवार को एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। मृतक महिला की पहचान गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी 66 वर्षीय सरिता देवी के रूप में हुई है। इस घटना ने न केवल मंदिर परिसर में शोक की लहर दौड़ा दी, बल्कि प्रशासन की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरिता देवी अपने छह सदस्यों वाले परिवार के साथ रविवार सुबह ट्रेन द्वारा मथुरा जंक्शन पहुंची। वहाँ से टैंपो के जरिए बरसाना आए। मंदिर की सीढ़ियाँ चढ़कर दर्शन करने के बाद, जब वे जयपुर मार्ग के निकास द्वार से लौट रही थीं, तभी उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। भीड़ और उमस के कारण उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई और वे मार्ग पर ही गिर पड़ीं।
स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर स्थिति में देखते हुए तुरंत हायर सेंटर रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दाम तोड़ दिया। प्रारंभिक चिकित्सकीय अनुमान के अनुसार, अत्यधिक थकान और भीड़ के दबाव के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा या ऑक्सीजन की कमी हुई।
स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु प्रशासन की व्यवस्था पर नाराज हैं। उनका आरोप है कि भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा की कमी इस घटना का मुख्य कारण बनी। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में तीर्थस्थलों पर विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए अलग लाइन और स्थायी एम्बुलेंस व ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मंदिर परिसर में यह घटना तीर्थस्थलों पर सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन की गंभीर पोल खोलती है। प्रशासन के लिए यह चेतावनी है कि पर्वों और छुट्टियों के दौरान भीड़ और आपातकालीन सहायता के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।