
तेहरान: ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत में फैली अफवाहों का तेहरान ने खंडन किया है। ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट किया है कि ईरानी पुलिस ने छह भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं।
राजदूत फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “ईरान में हो रहे डेवलपमेंट के बारे में कुछ विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स ऐसी खबरें चला रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत हैं। मेरी सभी से गुजारिश है कि वे ऐसी रिपोर्टों पर भरोसा न करें और केवल भरोसेमंद स्रोत से ही जानकारी लें।”
28 दिसंबर से ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 10,000 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। प्रदर्शन की शुरुआत महंगाई, आर्थिक संकट और करेंसी में गिरावट के विरोध में हुई थी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार को हटाया जाए।
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बल के सदस्य मारे जा चुके हैं। हिंसा के चलते इंटरनेट और फोन सेवाएं भी बंद हैं, जिससे घटनाओं की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पा रही है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने विरोध प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने जनता से संयम बरतने और सुरक्षित रहने की अपील की है।