
नई दिल्ली।
भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट से जीत दर्ज की। 301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका विराट कोहली ने निभाई, जिन्होंने 93 रनों की बेहतरीन पारी खेली। इस दमदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, लेकिन पुरस्कार मिलने के बाद कोहली ने जो कहा, उसने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया।
मां को समर्पित हैं सभी अवॉर्ड
मैच के बाद विराट कोहली ने अपनी सफलता और अब तक के सफर पर खुलकर बात की। बेहद विनम्र अंदाज में उन्होंने कहा कि वह अपने व्यक्तिगत अवॉर्ड्स का कोई हिसाब नहीं रखते। कोहली ने मुस्कुराते हुए बताया,
“मैं अपने सारे अवॉर्ड गुड़गांव में अपनी मां के पास भेज देता हूं। उन्हें इन उपलब्धियों को सहेज कर रखना बहुत पसंद है।”
अपनी बातों के दौरान विराट कुछ भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपनी क्रिकेट यात्रा को ‘सपने के सच होने’ जैसा बताया और कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखा।
“मैं जानता था कि मैं क्या कर सकता हूं। आज मैं जिस मुकाम पर हूं, वहां तक पहुंचने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की है। ईश्वर ने मुझे मेरी सोच से कहीं ज्यादा दिया है। मेरे मन में गहरा आभार है और मुझे खुद पर गर्व महसूस होता है,” कोहली ने कहा।
रिकॉर्ड नहीं, जीत है प्राथमिकता
रिकॉर्ड्स और माइलस्टोन्स को लेकर पूछे गए सवाल पर विराट ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा कि वह मैदान पर कभी आंकड़ों या कीर्तिमानों के बारे में नहीं सोचते।
“अनुभव बहुत मायने रखता है। मेरा एकमात्र लक्ष्य टीम को जीत दिलाना होता है,” कोहली ने कहा।
नंबर तीन पर बल्लेबाजी को लेकर उन्होंने बताया कि उनका मूल मंत्र विपक्षी टीम पर दबाव बनाना है। जैसे ही वह क्रीज पर उतरे, उन्हें महसूस हुआ कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेला जा सकता है और उन्होंने उसी रणनीति पर खेलते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर टीम पहले बल्लेबाजी कर रही होती, तो शायद उनका अंदाज और ज्यादा आक्रामक होता।
खेल से जुड़ी मानवीय संवेदनाएं
अंत में विराट कोहली ने क्रिकेट के प्रति अपने गहरे लगाव को मानवीय भावनाओं से जोड़ते हुए कहा कि खेल के दौरान उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और टीम के साथियों के लिए भी परिस्थितियां बदलती रहती हैं, जिन्हें वह सहजता से स्वीकार करते हैं।
“मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि इस खेल के जरिए मैं लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला पा रहा हूं,” कोहली ने कहा।
एक बार फिर विराट कोहली ने न सिर्फ अपने बल्ले से मैच जिताया, बल्कि अपनी सादगी और संवेदनशीलता से साबित कर दिया कि वह क्यों सिर्फ एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन हैं।