
मॉस्को, 10 जनवरी: रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के घर पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ओरेश्निक का इस्तेमाल किया है। रूस का कहना है कि यह हमला पुतिन पर हुए हमले की साजिश का प्रतिकार है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल यूक्रेन के खिलाफ है बल्कि नाटो को चेतावनी देने का भी एक संकेत है।
रूस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ओरेश्निक मिसाइल इंटरसेप्ट करना लगभग नामुमकिन है। इसकी रेंज लगभग 5,000 किलोमीटर तक है, जिसका मतलब यह है कि यह मिसाइल यूरोप के किसी भी हिस्से और पूर्वी अमेरिका तक पहुंच सकती है। गुरुवार रात को मिसाइल लेविव शहर के पास गिरी, जो पोलैंड सीमा से केवल 60 किलोमीटर दूर है। यह क्षेत्र युद्ध के दौरान यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने के लिए इस्तेमाल होने वाले सैन्य अड्डों के पास आता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला इसलिए और भी चिंताजनक है क्योंकि ओरेश्निक मिसाइल सैद्धांतिक रूप से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। रूस ने इस मिसाइल का पहला हमला नवंबर 2024 में किया था। तब यह हमला अमेरिका द्वारा यूक्रेन को HIMARS मिसाइलों से रूस के अंदर हमले की अनुमति दिए जाने के जवाब में किया गया था।
विशेषज्ञों की राय:
ऑस्ट्रिया के इंसब्रुक विश्वविद्यालय में रूस विशेषज्ञ गेरहार्ड मैंगोट का कहना है कि मॉस्को इस बात से निराश है कि उसे अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन के बीच बातचीत में हाशिए पर धकेला जा रहा है। यूरोप के नेताओं द्वारा यूक्रेन में सैनिक भेजने के प्रस्ताव पर रूस इस हमले के माध्यम से अपनी सैन्य क्षमताओं की याद दिला रहा है।
रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिया कि मिसाइल हमले का संबंध वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी से भी है। उन्होंने नए अमेरिकी प्रतिबंधों की संभावना का भी उल्लेख किया।
ओरेश्निक मिसाइल की ताकत:
- वर्ग: इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल
- रेंज: लगभग 5,000 किलोमीटर
- गति: आवाज़ की गति से 10 गुना तेज़
- क्षमता: परमाणु या पारंपरिक वॉरहेड ले जाने में सक्षम
रूस का यह कदम यूरोप और नाटो के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है और इसने पूरे महाद्वीप में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।