
पटना (रवि सिन्हा) – बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए नौ साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का अभियान साल 2025 में और भी आक्रामक रहा। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बताया कि पिछले साल रिकॉर्ड मात्रा में शराब बरामद की गई और गिरफ्तारियों की संख्या में भी इजाफा हुआ।
रिकॉर्ड बरामदगी
2025 में कुल 36.3 लाख लीटर शराब जब्त की गई, जिसमें 18.99 लाख लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और 17.39 लाख लीटर देशी शराब शामिल है। इसी अवधि में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने के आरोप में 1,25,456 लोग गिरफ्तार किए गए, जो 2024 में हुई 1,21,671 गिरफ्तारियों की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।
जहरीली शराब पर विशेष निगरानी
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। 2025 में कुल 1,31,628 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। पुलिस ने बताया कि शराबबंदी से जुड़े मामलों में जब्ती और गिरफ्तारियों में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, अवैध शराब कारोबारियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है ताकि उन्हें आर्थिक रूप से हतोत्साहित किया जा सके।
विशेष अभियान और कार्रवाई
शराब तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने साल 2025 में कुल 38 अभियान चलाए। इन अभियानों में झारखंड में 15, उत्तर प्रदेश में 17, छत्तीसगढ़ में 4 और मध्य प्रदेश में 2 अभियान शामिल थे। अभियानों के दौरान 29 बड़े वाहन, 26 छोटे वाहन और 2,27,182 लीटर शराब जब्त की गई। यह 2024 में चार अभियानों में जब्त 28,210 लीटर शराब की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।
अवैध संपत्ति पर शिकंजा
पुलिस ने अवैध शराब कारोबार से अर्जित संपत्ति जमा करने वाले 289 लोगों की पहचान की है। उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSC) की धारा 107 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संपत्ति की कुर्की, जब्ती या बहाली शामिल है।
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि 2025 में कोई बड़ी जहरीली शराब त्रासदी नहीं हुई, लेकिन पुलिस अभियान और कड़ी कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों को सबक सिखाया गया है।