Wednesday, March 4

सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताईं 4 बड़ी वजहें और 5 चेतावनी लक्षण

नई दिल्ली।
दिल की बीमारियां दुनियाभर में मौत का सबसे बड़ा कारण बनी हुई हैं और इनमें हार्ट अटैक सबसे ऊपर है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जाती है। इसके पीछे ठंड का शरीर पर पड़ने वाला सीधा असर और कुछ आम लेकिन खतरनाक आदतें जिम्मेदार होती हैं।

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फोर्टिस हॉस्पिटल, नोएडा के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजीव गेरा बताते हैं कि ठंड का मौसम दिल और रक्त संचार प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालता है। तापमान गिरते ही शरीर खुद को गर्म रखने के लिए ब्लड वेसल्स को सिकोड़ देता है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा होता है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे की 4 मुख्य वजहें

  1. ब्लड प्रेशर का अचानक बढ़ना
    ठंड के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप तेजी से बढ़ सकता है। अगर किसी व्यक्ति की हार्ट आर्टरी में पहले से हल्की ब्लॉकेज हो, तो बढ़ा हुआ बीपी उसे फाड़ सकता है और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
  2. प्लेटलेट्स की ज्यादा सक्रियता
    सर्दियों में खून जमने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। प्लेटलेट्स ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, जिससे क्लॉट बनने का खतरा रहता है। अगर यही क्लॉट दिल की नस में बन जाए, तो हार्ट अटैक हो सकता है।
  3. आर्टरी स्पैज्म और खून का कम बहाव
    तेज ठंड में नसों में ऐंठन (स्पैज्म) आ जाती है, जिससे खून का बहाव कम हो जाता है। जिन लोगों को पहले से हार्ट ब्लॉकेज है, उनमें यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।
  4. अचानक भारी एक्सरसाइज
    लंबे समय से निष्क्रिय व्यक्ति अगर सर्दियों में सुबह-सुबह ठंड में अचानक भारी एक्सरसाइज या वजन उठाने लगे, तो यह दिल के लिए बड़ा झटका बन सकता है। ठंड, हाई बीपी और ब्लॉकेज मिलकर जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं।

प्रदूषण भी बढ़ा रहा खतरा

सर्दियों में बढ़ने वाला प्रदूषण और स्मॉग भी हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाते हैं। प्रदूषण खून को गाढ़ा करता है और नसों में सिकुड़न बढ़ाता है। डायबिटीज, हाई बीपी या हार्ट डिजीज वाले मरीजों में खतरा और ज्यादा हो जाता है।

इन 5 लक्षणों को बिल्कुल करें नजरअंदाज

डॉ. गेरा के अनुसार, हार्ट अटैक से पहले शरीर कुछ चेतावनी संकेत देता है—

  1. चलने या हल्की मेहनत में जल्दी थक जाना
  2. बिना वजह कमजोरी या ठंडा पसीना आना
  3. सीने के बीच भारीपन या दबाव महसूस होना
  4. सांस फूलना, घबराहट या मितली
  5. कंधे, बांह, गर्दन, जबड़े या कान तक फैलता दर्द

विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग हो सकते हैं। उनमें सीने के दर्द की बजाय अत्यधिक थकान, उल्टी जैसा मन, बेचैनी या चिड़चिड़ापन ज्यादा देखने को मिलता है।

एंजाइना हो सकता है प्रीहार्ट अटैक

अगर चलने पर सीने में दर्द हो और बैठते ही आराम मिल जाए, तो इसे एंजाइना कहा जाता है। यह प्री-हार्ट अटैक का संकेत है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर खतरे को न्योता दे सकता है।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बुजुर्ग, हार्ट मरीज, डायबिटीज और हाई बीपी से ग्रस्त लोग सर्दियों में अतिरिक्त सावधानी बरतें। शरीर को गर्म रखें, बहुत ठंड में भारी एक्सरसाइज से बचें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

 

 

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