
बड़वानी। जिले के पलसूद क्षेत्र अंतर्गत मोजाली गांव में मंगलवार तड़के एक अज्ञात जानवर ने सो रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में दो मासूम बच्चों सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों के चेहरे, मुंह और नाक पर गहरे घाव आए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।
घटना मंगलवार तड़के की बताई जा रही है। हमले में 9 वर्षीय मनीषा, 6 वर्षीय साजवान और 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला रजिया गंभीर रूप से घायल हुई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीण घर के अंदर सो रहे थे, जबकि कुछ लोग घर के गेट के पास लेटे हुए थे। इसी दौरान अज्ञात जानवर ने अचानक हमला कर दिया।
तेंदुए या कुत्ते का हमला? जांच में जुटा वन विभाग
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बड़वानी के वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) आशीष बंसोड़ ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की आशंका जताई थी, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए यह हमला किसी कुत्ते द्वारा किए जाने की संभावना अधिक प्रतीत हो रही है। फिलहाल अज्ञात जानवर की पहचान के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
एंटी-रेबीज उपचार के बाद इंदौर रेफर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुरेखा जमरे ने बताया कि तीनों घायलों को पलसूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन लगाया गया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से एमवाय अस्पताल इंदौर रेफर किया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना ने बताया कि बुजुर्ग महिला रजिया को आंख और नाक में गंभीर चोट आई है, जबकि दोनों बच्चों के चेहरे और मुंह पर गहरे काटने के घाव हैं। फिलहाल तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पहले भी हो चुके हैं जानलेवा हमले
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में मई 2025 में सियार के हमले के बाद रेबीज से 40 से 70 वर्ष आयु के छह ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। वहीं पिछले वर्ष अगस्त और सितंबर में तेंदुए के हमलों में दो बच्चों की जान चली गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अज्ञात जानवर को जल्द पकड़ने की मांग की है।