
न्यूयॉर्क: वेनेजुएला संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक सोमवार को बुलाई गई। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हिरासत को लेकर परिषद के सदस्य देश बंटे हुए दिखे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बैठक में चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिका की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए खतरनाक मिसाल बन सकती है।
रूस के प्रतिनिधि ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फलोरेस को तुरंत रिहा करने की मांग की। इसी तरह क्यूबा, मेक्सिको और चिली ने भी अमेरिका के कदम की आलोचना की और इसे गलत मिसाल बताया।
दूसरी ओर, अमेरिका के सहयोगी देशों जैसे अर्जेंटीना, यूके और लातविया ने अमेरिकी कार्रवाई को जायज ठहराया। अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला में सैन्य अभियान चलाते हुए राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के आरोपों में मुकदमा चलाया जा रहा है। हालांकि मादुरो ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
वेनेजुएला की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि अमेरिका का यह हमला उनके देश के प्राकृतिक संसाधनों और तेल पर कब्जा करने की लालच के कारण किया गया।