
भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सीतामढ़ी में विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। शिवहर जिले के पुरनहिया अंचल में तैनात राजस्व कर्मचारी रामकृत महतो को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, रामकृत महतो जमीन के दस्तावेजों में सुधार करने के नाम पर ग्रामीण विनोद कुमार से रिश्वत मांग रहा था। डुमरा थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी पुल के पास जैसे ही लेन-देन हुआ, विजिलेंस की टीम ने पहले से घात लगाकर बैठी हुई आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी मूल रूप से डुमरा के भौप्रसाद गांव का रहने वाला है।
गिरफ्तारी और पूछताछ:
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को डुमरा थाने ले जाया गया, जहां करीब एक घंटे तक गहन पूछताछ की गई। इस दौरान राजस्व विभाग से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, उसके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं।
विजिलेंस की बढ़ती सक्रियता:
यह गिरफ्तारी सीतामढ़ी में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की सतर्कता का प्रमाण है। कुछ ही दिन पहले होमगार्ड के एक जवान को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। एक महीने में दो सरकारी सेवकों की गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि विभाग की निगाहें भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर कड़ी हैं। इस कार्रवाई के बाद अन्य सरकारी कार्यालयों और अंचलों में भी कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
