
‘बॉर्डर 2’ की रिलीज के लिए फिल्मी दुनिया में पहले से ही चर्चा है, लेकिन इस फिल्म से एक नया नाम भी सुर्खियों में है—मेधा राणा। यह फिल्म उनके बड़े पर्दे पर डेब्यू का अवसर है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर पहले से काम कर चुकी मेधा राणा इस बार सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ जैसे कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा कर रही हैं। फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
आर्मी परिवार से आए मेधा राणा
मेधा राणा का जन्म 25 दिसंबर 1999 को गुड़गांव में हुआ। वह एक सैन्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके दादा, पिता और चाचा—all भारतीय सेना में रह चुके हैं। मेधा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि उनका परिवार न सिर्फ देश की सेवा में रहा है, बल्कि महिलाओं ने भी परिवार और समाज को मजबूती से सपोर्ट किया है। मेधा ने कहा कि ‘बॉर्डर 2’ उन सभी परिवारों के लिए श्रद्धांजलि है जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सेवा की।
पढ़ाई-लिखाई और प्रारंभिक करियर
मेधा ने अपनी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल और बाद में बेंगलुरु के आर्मी पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने क्राइस्ट यूनिवर्सिटी से बीबीए की डिग्री हासिल की। उनके माता-पिता का नाम सुनील राणा और ऋतु राणा है, और उनकी एक बहन प्रियंका राणा हैं।
टीचिंग और मॉडलिंग
मेधा राणा ने 2017 में बेंगलुरु के एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, वहीं उसी वर्ष उन्होंने मॉडलिंग में कदम रखा। 16 साल की उम्र में उन्होंने फैशन मॉडल के रूप में काम करना शुरू किया और 2018 में मेगा मॉडल हंट प्रतियोगिता भी जीती। मेधा अपनी मां के साथ ‘शख्सियत’ नामक ट्रेनिंग सेंटर की को-फाउंडर भी हैं।
विज्ञापन से वेब सीरीज और फिल्मों तक
मेधा ने कैडबरी, नेस्कैफे जैसे ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम किया। 2021 में वह अरमान मलिक के म्यूजिक वीडियो ‘बरसात’ में नजर आईं। 2022 में उनका एक्टिंग डेब्यू क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज ‘लंदन फाइल्स’ से हुआ। इसके बाद 2023 में मेधा ने फिल्म ‘फ्राइडे नाइट प्लान’ के जरिए ओटीटी पर कदम रखा और वेब सीरीज ‘Dancing on the Grave’ में भी नजर आईं।
वरुण धवन के ऑपोजिट
‘बॉर्डर 2’ में मेधा राणा वरुण धवन के ऑपोजिट नजर आएंगी। फिल्म में मोना सिंह, सोनम बाजवा और आन्या सिंह जैसे कलाकार भी हैं। मेधा ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर फिल्म के गाने ‘घर कब आओगे’ पर इमोशनल नोट शेयर करते हुए सैनिक जीवन और परिवारों के बलिदान को याद किया।
मेधा राणा की कहानी यह दिखाती है कि सैन्य परिवार की अनुशासन और मेहनत कैसे बड़े पर्दे पर भी चमक ला सकती है।
