
दमोह (मध्य प्रदेश): अब चाय पीने के बाद कप फेंकने की झंझट खत्म हो जाएगी। दमोह प्रशासन ने एक अनोखा ‘बिस्किट कप’ पेश किया है, जिसे पीने के बाद स्नैक की तरह खाया जा सकता है। यह नवाचार न सिर्फ प्लास्टिक कचरे को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा।
दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने इस अनोखी पहल का परिचय देते हुए बताया कि यह कप केवल बर्तन नहीं है, बल्कि पर्यावरण को प्लास्टिक और डिस्पोजल कचरे से बचाने का एक कारगर उपाय भी है।
इस मौके पर कलेक्टर कोचर ने मीडिया के सामने बिस्किट कप में चाय पी और खुद इसका स्वाद लिया। उन्होंने कहा कि चाय के साथ अलग से बिस्किट लेने की जरूरत नहीं। चाय खत्म होने के बाद यह कप एक स्वादिष्ट स्नैक बन जाता है।
प्लास्टिक और डिस्पोजल कप नालियों को चोक करते हैं और ज़मीन को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि बिस्किट कप पूरी तरह प्राकृतिक और सेहतमंद है। गर्म चाय के संपर्क में आने पर प्लास्टिक कैंसरकारी प्रभाव डाल सकता है, लेकिन बिस्किट कप सुरक्षित है।
कलेक्टर कोचर ने कहा, “अगर हम छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं, जैसे प्लास्टिक की जगह बिस्किट कप और कपड़े के थैले इस्तेमाल करें, तो दमोह को देश का सबसे स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाया जा सकता है।”
दमोह प्रशासन की यह पहल न सिर्फ पर्यावरण के लिए अहम है, बल्कि चाय और स्नैक प्रेमियों के लिए भी एक स्वादिष्ट और रोचक विकल्प साबित होगी।