
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) से जुड़ी इल्तिजा मुफ्ती ने हाल ही में एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें भारत माता की जय या जय श्री राम जैसे नारों के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान ने जम्मू-कश्मीर की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि यह उनका विरोध राष्ट्रवादी नारों के जबरन उपयोग और हिंदुत्व की विचारधारा के खिलाफ है, न कि भारत या उसके नागरिकों के खिलाफ। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों पर भी चिंता जताई।
यह टिप्पणी उस समय सामने आई, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कश्मीरी क्रिकेटर फुरकान उल हक के फिलिस्तीनी झंडे वाला हेलमेट पहने हुए तस्वीर ऑनलाइन साझा करने पर जांच शुरू की थी। इल्तिजा मुफ्ती ने कहा, “क्या जम्मू-कश्मीर में अब भी खुलकर बोलने की आजादी है? क्या हर बात पर तलब किया जाना अब सामान्य हो गया है?”
इल्तिजा ने आगे कहा कि फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाना अपराध नहीं होना चाहिए और गाजा में हो रही घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन को भी राजनीतिक रूप से दबाया जा रहा है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में कानून का शासन प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है, लोगों को छोटी-छोटी बातों पर गिरफ्तार किया जा रहा है और वीपीएन पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
बीजेपी ने की कड़ी प्रतिक्रिया
भाजपा ने इल्तिजा मुफ्ती पर राष्ट्रवादी भावनाओं का अपमान करने और हिंदुत्व विरोधी होने का आरोप लगाया। पार्टी ने उनसे माफी मांगने की मांग की। इस विवाद ने देशभक्ति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कुछ नारों के जबरन जाप को लेकर बहस को फिर से जोरदार रूप से उभारा है।