
मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रदूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर से भी चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां दूषित पानी के कारण टाइफाइड के मामलों में अचानक उछाल आया है। बीते सात दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों से 67 लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, बीमार पड़े सभी मरीजों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें अधिकांश मरीज आदिवाड़ा विस्तार के साथ सेक्टर-24, 26 और 28 के निवासी हैं। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से इलाके में दहशत का माहौल है।
पानी की जांच में कई जगह लीकेज
घटना सामने आने के बाद गांधीनगर महानगर पालिका हरकत में आई है। प्राथमिक जांच में शहर के 10 स्थानों पर पानी की पाइपलाइन में लीकेज पाए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं लीकेज के जरिए सीवेज मिला पानी सप्लाई लाइन में घुस गया, जिससे टाइफाइड फैला।
महानगर पालिका ने प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति की जांच शुरू कर दी है और लीकेज ठीक करने का काम तेज़ी से किया जा रहा है।
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी एक्शन मोड में
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के उप मुख्यमंत्री और गांधीनगर के प्रभारी मंत्री हर्ष संघवी ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में जिला कलेक्टर, म्युनिसिपल कमिश्नर, हेल्थ ऑफिसर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
इसके बाद डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप—लंबे समय से आ रहा दूषित पानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि काफी समय से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही थी, जिसकी शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब जब लोग बीमार पड़े हैं, तब जाकर प्रशासन सक्रिय हुआ है।
क्या है टाइफाइड, कैसे फैलता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से होता है। यह रोग मुख्य रूप से
दूषित पानी
गंदा भोजन
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क
से फैलता है। समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
प्रशासन का दावा—स्थिति नियंत्रण में
महानगर पालिका का दावा है कि कई मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित इलाकों में पानी के सैंपल लेकर जांच की जा रही है और लोगों को उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है।