
काराकास: लंबे समय से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाने के बाद अमेरिकी सेना ने आखिरकार राजधानी काराकास में सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार सुबह स्थानीय समयानुसार लगभग 1:50 बजे शहर में तेज धमाके सुनाई दिए। धमाकों के बाद शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाज़ें सुनाई दीं।
वेनेजुएला के सूत्रों के अनुसार, हवाई हमलों में रक्षा मंत्री के घर और राजधानी के एक बंदरगाह को निशाना बनाया गया। CNN और स्काई न्यूज अरबिया के पत्रकारों ने भी धमाकों और अमेरिकी विमानों की आवाज़ों की पुष्टि की है।
अमेरिका क्यों हमला कर रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लंबे समय से मादुरो पर दबाव डाला हुआ था। वेनेजुएला के आसपास अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य तैनाती पहले ही की जा चुकी थी, जिसे ट्रंप ने देश के खिलाफ “सबसे बड़ी सैन्य तैनाती” बताया। अक्टूबर में ट्रंप ने कहा था कि CIA को वेनेजुएला में काम करने की अनुमति दी गई है, ताकि अवैध प्रवासियों और ड्रग्स के प्रवाह पर रोक लगाई जा सके।
ट्रंप ने मादुरो को सीधे निशाने पर लिया है और उन्हें अमेरिका में वेनेजुएला के लाखों प्रवासियों की समस्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा उन्होंने मादुरो पर दो अपराधी समूहों “ट्रेन डे अरागुआ” और “कार्टेल डे लॉस सोल्स” का नेतृत्व करने का आरोप लगाया और इन अपराधियों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया। ट्रंप ने इनाम राशि भी दोगुनी कर दी है ताकि मादुरो की पकड़ में मदद मिल सके।
मादुरो का जवाब
राष्ट्रपति मादुरो ने अमेरिकी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करने और सत्ता परिवर्तन के बहाने ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को इस्तेमाल कर रहा है। मादुरो ने कहा कि वे किसी भी अपराधी समूह के नेता नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
वेनेजुएला के आर्थिक संकट, अमेरिकी प्रतिबंध और राजनीतिक दमन ने देश को कमजोर किया है। 2013 के बाद से लगभग 80 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं, जिससे सेना और नागरिक संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। इस बीच अमेरिका का हमला और ट्रंप की धमकियों ने पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है।