
क्रिकेट इतिहास में कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जो समय के साथ और भी महान बनते जाते हैं। ऐसा ही एक ऐतिहासिक दिन था 2 जनवरी 1979, जब भारत के महान सलामी बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में ऐसा कारनामा किया, जिसे आज तक केवल तीन ही बल्लेबाज़ दोहरा सके हैं।
करीब 47 साल पहले, इसी दिन गावस्कर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में तीन बार किसी मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज़ बने थे। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 148 वर्षों के टेस्ट इतिहास में 3,180 क्रिकेटरों में से केवल तीन ही खिलाड़ी ऐसा कर पाए हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ ही पहली बार रचा था इतिहास
सुनील गावस्कर ने अपने करियर में पहली बार यह उपलब्धि 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में हासिल की थी। यह उनकी डेब्यू टेस्ट सीरीज थी, जिसमें उन्होंने पहली पारी में 124 रन और दूसरी पारी में 220 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इसी के साथ वह उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों में शामिल हो गए थे, जिन्होंने टेस्ट की एक पारी में शतक और दूसरी में दोहरा शतक जड़ा हो।
1979 के कोलकाता टेस्ट में बना तीसरा रिकॉर्ड
गावस्कर ने तीसरी बार दोनों पारियों में शतक लगाने का कारनामा 1978-79 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में किया।
29 दिसंबर 1978 से शुरू हुए इस मुकाबले की पहली पारी में उन्होंने 107 रन बनाए, जिससे भारत 300 के स्कोर तक पहुंचा। जवाब में वेस्टइंडीज ने 327 रन बनाए।
दूसरी पारी में भी गावस्कर ने शानदार संयम दिखाया और 2 जनवरी 1979 को अपना शतक पूरा किया, जिसके साथ ही उन्होंने यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया।
गावस्कर: कई ‘पहले’ रिकॉर्डों के मालिक
सुनील गावस्कर सिर्फ इस उपलब्धि तक सीमित नहीं रहे।
वह दुनिया के पहले बल्लेबाज़ थे जिन्होंने 10,000 टेस्ट रन पूरे किए।
एक समय तक उनके नाम सबसे ज्यादा टेस्ट शतक लगाने का रिकॉर्ड भी था, जिसे बाद में सचिन तेंदुलकर ने तोड़ा।
रिकी पोंटिंग और डेविड वार्नर ने की बराबरी
गावस्कर के बाद इस खास सूची में रिकी पोंटिंग और डेविड वार्नर का नाम शामिल हुआ।
पोंटिंग ने यह कारनामा तीन बार किया और वह दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाया।
वहीं डेविड वार्नर ने भी तीन अलग-अलग टेस्ट मैचों में दोनों पारियों में शतक जड़कर इस दुर्लभ उपलब्धि को हासिल किया।