Saturday, June 27

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बांदा कोर्ट के आदेश पर चौकी इंचार्ज समेत सात पर मुकदमा, युवक को पेशाब पिलाने और उंगलियां तोड़ने का आरोप

 

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बांदा। जिले के पैलानी थाना क्षेत्र से पुलिसिया बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बांदा की अदालत के आदेश पर खपटिहा कला चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि चोरी के झूठे मामले में युवक को न केवल बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसकी मां और पत्नी के सामने उसे पेशाब पिलाया गया और उंगलियां तक तोड़ दी गईं।

 

पिपरहरी गांव निवासी पप्पू उर्फ श्रवण कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया कि गांव में 25 और 27 अगस्त 2025 को हुई चोरी का झूठा आरोप लगाकर कुछ दबंगों ने उसे निशाना बनाया। 1 सितंबर 2025 की सुबह दबंगों ने उसे और उसकी पत्नी को घर बुलाकर मारपीट की और चोरी कबूल करने का दबाव बनाया।

 

पीड़ित के अनुसार, बाद में 112 नंबर पर पुलिस बुलाए जाने पर उसे चौकी ले जाया गया, जहां खपटिहा कला चौकी इंचार्ज हरीशरण सिंह ने आरोपियों से कथित रूप से पैसे लेकर उसे दोबारा प्रताड़ित किया। चौकी में डंडों से पिटाई, गालियां, एनकाउंटर की धमकी और अमानवीय व्यवहार की सारी हदें पार कर दी गईं। आरोप है कि चौकी के अंदर ही उसकी दो उंगलियां तोड़ दी गईं और जबरन पेशाब पिलाया गया। यह पूरी घटना उसकी पत्नी और मां की मौजूदगी में हुई।

 

पीड़ित ने बताया कि उसने थाना अध्यक्ष और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 11 सितंबर 2025 को कराई गई मेडिकल जांच में उंगलियों के टूटने की पुष्टि हुई। इसके बाद पीड़ित ने अदालत की शरण ली।

 

थाना प्रभारी पैलानी राजेश वर्मा ने बताया कि अदालत के आदेश पर चौकी इंचार्ज हरीशरण सिंह समेत सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों में रामरूप सिंह, भइया, पंकज, ज्वाला, विद्याधर और सुनील शामिल हैं। सभी के खिलाफ दंगा, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने, उकसावे पर हमला करने समेत पांच गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

 

इस मामले ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि जांच और कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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