
इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं। इलाके में 13 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 250 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों से पानी की गुणवत्ता बिगड़ रही थी, लेकिन उनकी शिकायतों को प्रशासन ने अनसुना किया।
लोगों का गुस्सा और नाराजगी
भागीरथपुरा के निवासी कहते हैं, “हमारा पार्षद बदतमीज है। हमारी शिकायतों को समय पर सुनाई होती तो आज इतनी मौतें नहीं होती।” उन्होंने बताया कि पानी में लीकेज के कारण नर्मदा पाइपलाइन में गंदा पानी चला गया, जो घरों तक पहुंच गया।
महीनों की लापरवाही का नतीजा
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में कुछ महीने पहले ड्रेनेज और नर्मदा पाइपलाइन का काम किया गया, लेकिन बेहद लापरवाही से। कई जगहों पर नर्मदा पाइपलाइन को ड्रेनेज लाइन के ऊपर से गुजारा गया, जिससे बारिश में ओवरफ्लो होने पर गंदा नाला का पानी पाइप में मिल गया।
हर घर में बीमारी का साया
इलाके के लगभग हर घर में एक-दो सदस्य बीमार हैं। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों में एक साथ तीन-तीन सदस्य भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन थके और डर के मारे बिखरे हुए नजर आए।
प्रशासन अब सक्रिय
लगातार बढ़ती बीमारियों और मौतों के बाद नगर निगम ने सफाई अभियान शुरू किया है, सड़कों को धोया जा रहा है और पाइपलाइनों की जांच की जा रही है। हालांकि स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर यह कदम 10 दिन पहले उठाए जाते तो क्या 13 लोगों की जान बच सकती थी।