Thursday, January 1

बलूचिस्तान पर नियंत्रण खोता पाकिस्तान: असीम मुनीर की नई भारत-विरोधी रणनीति

 

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इस्लामाबाद/नई दिल्ली, 1 जनवरी: बलूचिस्तान पर पाकिस्तान की पकड़ कमजोर होती जा रही है। बलूचों का विद्रोह लगातार फैल रहा है और अगले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र का अलग देश बनने की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। इसी बीच पाकिस्तान सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने नया भारत-विरोधी नैरेटिव अपनाया है, ताकि बलूचिस्तान में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें।

 

असीम मुनीर ने दावा किया है कि उनकी सेना बलूचिस्तान में काम कर रहे “भारत समर्थित एजेंटों” की योजनाओं को नाकाम कर देगी और हिंसा फैलाने वाले तत्वों को दबा देगी। उनके इस बयान का मकसद पाकिस्तान के भीतर जनता और सुरक्षा बलों को यह संदेश देना है कि भारत क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रहा है और सेना ही बलूचिस्तान की रक्षा कर सकती है।

 

खुफिया सूत्रों के अनुसार, मुनीर का यह रुख पाकिस्तान की कमजोर होती सैन्य पकड़ को मज़बूत करने और घरेलू दर्शकों का ध्यान घरेलू आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और बलूचिस्तान में सेना की गिरती साख से हटाने की रणनीति का हिस्सा है। बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों, कथित फर्जी मुठभेड़ों और विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति ने सेना की वैधता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

सूत्रों ने बताया कि मुनीर के बार-बार भारत विरोधी बयान केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि मुख्य रूप से घरेलू दर्शकों के लिए हैं। ऐसा करके पाकिस्तान सेना खुद को बलूचिस्तान का अकेला संरक्षक और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने वाला शक्ति केंद्र दिखाना चाहती है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति पाकिस्तान के लिए जनता का ध्यान भटकाने का जरिया तो हो सकती है, लेकिन इससे जमीनी हालात में बदलाव नहीं आएगा। बलूच विद्रोह और स्थानीय असंतोष बढ़ते जा रहे हैं, और भारत को लेकर फैलाई जा रही सेना की कहानी केवल प्रचार का हिस्सा है।

 

 

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