
काबुल/दुशांबे: मध्य एशिया में ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ता ही जा रहा है। ताजिकिस्तान ने पिछले एक महीने में अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत से तीसरी बार सीमा पार हमला होने की जानकारी दी है, जिसमें कई सैनिकों की जान गई। इन हमलों में ताजिकिस्तान के शमसुद्दीन शोखिन जिले में कम से कम पांच लोग मारे गए, जिनमें तीन कथित आतंकवादी शामिल थे।
चीनी नागरिकों पर भी हमला
हमलों में कई चीनी मजदूरों की भी मौत हुई, जो ताजिकिस्तान में खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे थे। ताजिकिस्तान में चीनी कंपनियों के अनेक बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिसमें सड़क, सुरंग, बिजली परियोजनाएँ और सोने की खदानें शामिल हैं। इस कारण हमलों का मकसद क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाना और तालिबान सरकार की सुरक्षा क्षमता पर सवाल उठाना माना जा रहा है।
तालिबान और ताजिकिस्तान के बीच नाज़ुक रिश्ते
ताजिकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने बताया कि मंगलवार को तीन हथियारबंद आतंकवादी ताजिकिस्तान में घुस आए, जिनके साथ हुई गोलीबारी में पांच लोग मारे गए। अधिकारियों ने बरामद हथियारों में M-16, कलाश्निकोव, साइलेंसर पिस्तौल और विस्फोटक शामिल हैं। ताजिकिस्तान ने तालिबान सरकार से माफी मांगने और सीमा पर प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
ISKP की भूमिका की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों में इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) शामिल हो सकता है। ISKP का उद्देश्य तालिबान को कमजोर करना और विदेशी नागरिकों व परियोजनाओं को निशाना बनाना है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के विश्लेषक इब्राहिम बहिस के अनुसार, ISKP के हमलों का मकसद तालिबान प्रशासन पर भरोसा तोड़ना और क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करना है।
तालिबान की प्रतिक्रिया
तालिबान ने चीनी मजदूरों की हत्याओं पर “गहरा दुख” जताया और किसी अनजान हथियारबंद समूह को जिम्मेदार ठहराया। गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने कहा कि तालिबान अमेरिका के साथ 2020 के दोहा समझौते के तहत प्रतिबद्ध है और अफगानिस्तान का इस्तेमाल किसी अन्य देश पर हमले के लिए नहीं होने देगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ISKP को रोकना तालिबान के लिए चुनौतीपूर्ण है, जिससे ताजिकिस्तान में भविष्य में हमलों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
तालिबान-ताजिकिस्तान तनाव और विदेशी नागरिकों पर हमलों से क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति गंभीर बनी हुई है। चीन ने भी ताजिकिस्तान में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अगर सीमा पर स्थिति नहीं सुधरी, तो यह तनाव बड़े सैन्य संघर्ष का रूप ले सकता है।