Saturday, June 20

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भीलवाड़ा में अंधविश्वास से मासूम की दर्दनाक मौत: मां ने ही नौ महीने के बच्चे को गर्म सलाखों से दागा, पुलिस करेगी कार्रवाई

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भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिले के ईरांस गांव में रहने वाले दंपती के नौ महीने के मासूम को निमोनिया के इलाज के बहाने उसकी ही मां ने अंधविश्वास के चलते गर्म सलाखों से दाग दिया, जिससे बच्चे की हालत गंभीर हो गई। उसे महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तीन दिन तक इलाज के बावजूद रविवार को मासूम ने दम तोड़ दिया।

🔹 घटना का विवरण

सदर थाना क्षेत्र के ईरांस गांव में बीमार बच्चे को सर्दी-जुकाम और निमोनिया होने के कारण उसकी मां ने परंपरागत अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर यह दर्दनाक कदम उठाया। गर्म सलाखों से दागने के बाद बच्चे की स्थिति और बिगड़ गई और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने हर संभव कोशिश की, लेकिन मासूम की जान नहीं बच सकी।

🔹 पुलिस ने दर्ज किया मामला

सदर थाना प्रभारी कैलाश विश्नोई ने बताया कि घटना के बाद मां के खिलाफ जे.जे. एक्ट और बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि

“अपराधी चाहे मां ही क्यों न हो, कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”

🔹 डॉक्टरों की चेतावनी

महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने कहा कि बच्चों में निमोनिया जैसी बीमारियों के इलाज में अंधविश्वास बेहद खतरनाक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमार बच्चों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के तहत डॉक्टर के पास ही उपचार कराएं, न कि अंधविश्वास या घरेलू उपायों पर भरोसा करें।

🔹 संदेश

यह दर्दनाक घटना समाज को चेतावनी देती है कि अंधविश्वास के चलते बच्चों की जान खतरे में डालना गंभीर अपराध है। सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से हर माता-पिता को अपने बच्चों के इलाज में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर भरोसा करना चाहिए।

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