
नई दिल्ली: भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत इस महीने होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) में शामिल होगा। इस अवसर पर दुनिया भारतीय नौसेना की ताकत और उसके कैरियर बैटल ग्रुप की क्षमता का अवलोकन करेगी।
18 फ़रवरी को विशाखापत्तनम में सुप्रीम कमांडर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण करेंगी। रिव्यू के दौरान INS सुमेधा राष्ट्रपति यॉट के रूप में काम करेगी। एयरक्राफ्ट कैरियर के चारों ओर सबमरीन और 8 से 10 अन्य युद्धपोत शामिल होंगे। इसके अलावा, नीलगिरी क्लास फ्रिगेट भी रिव्यू में हिस्सा लेगा।
भारतीय नौसेना ने दुनिया के कुल 137 देशों को इस आयोजन के लिए आमंत्रित किया है, जिनमें से 60 से अधिक देशों ने अपने युद्धपोत भेजने की पुष्टि की है।
इतिहास की बात करें तो पहला इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू साल 2001 में आयोजित हुआ था, जिसमें 20 देशों के 97 युद्धपोत शामिल थे। इसके बाद दूसरा IFR साल 2016 में विशाखापत्तनम में आयोजित हुआ, जिसमें 50 देशों के करीब 100 युद्धपोत शामिल हुए थे।
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू हर चार-पाँच साल में आयोजित की जाती है। इसके अलावा, हर राष्ट्रपति के कार्यकाल में एक बार इंडियन फ्लीट रिव्यू भी आयोजित होता है, जिसमें राष्ट्रपति नौसेना की क्षमता और युद्धपोतों की तैयारियों का निरीक्षण करते हैं।
जहाँ गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रपति एक जगह खड़े होकर सलामी लेते हैं, वहीं फ्लीट रिव्यू में सभी युद्धपोत एक फॉर्मेशन में एंकर किए रहते हैं और राष्ट्रपति का शिप उनके पास से गुजरते हुए निरीक्षण करता है।
यह आयोजन भारतीय नौसेना की सामरिक ताकत और समुद्री सुरक्षा क्षमता का दुनिया के सामने परिचय है।