Wednesday, January 14

कड़ाके की ठंड में टॉयलेट बना जानलेवा! सर्दियों में बाथरूम के दौरान क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा, जानिए वजह और बचाव के तरीके

सर्दियों के मौसम में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासतौर पर कड़ाके की ठंड में टॉयलेट के दौरान हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से सामने आते हैं। डॉक्टरों और शोध रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके पीछे तापमान में अचानक बदलाव, बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर और टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा जोर लगाना जैसी वजहें जिम्मेदार हैं।

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विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव कर इस जानलेवा खतरे से बचा जा सकता है।

❄️ ठंड में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा?

सर्दियों में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए नसों को सिकोड़ लेता है, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है। यही बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

जब कोई व्यक्ति गर्म बिस्तर से सीधे ठंडे टॉयलेट में जाता है, तो यह अचानक तापमान परिवर्तन दिल के लिए झटके जैसा होता है। बुजुर्गों और पहले से हार्ट या ब्लड प्रेशर के मरीजों में इसका असर ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

🚽 टॉयलेट में ज्यादा जोर लगाना बन सकता है जानलेवा

ठंड के मौसम में कब्ज की समस्या आम हो जाती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट के अनुसार, टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा जोर लगाने से ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन अचानक बदल जाती है।
इस स्थिति को मेडिकल भाषा में वेलसाल्वा मैनूवर कहा जाता है। कमजोर दिल या हार्ट पेशेंट्स के लिए यह स्थिति हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकती है।

🌡️ ठंड और गर्मी का अचानक फर्क भी खतरनाक

गर्म कमरे से सीधे ठंडे बाथरूम में जाना शरीर के लिए बड़ा झटका होता है। इससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और ब्लड प्रेशर तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है। बुजुर्गों में यह स्थिति ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है।

⏰ सुबह के समय जोखिम क्यों ज्यादा होता है?

सुबह के समय शरीर में स्ट्रेस हार्मोन ज्यादा सक्रिय होते हैं और खून भी थोड़ा गाढ़ा रहता है। इसी दौरान जब व्यक्ति टॉयलेट जाता है, तो दिल पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। यही वजह है कि सुबह के समय हार्ट अटैक के मामले ज्यादा देखे जाते हैं।

🩺 डॉक्टर क्या कहते हैं?

ग्रेटर नोएडा स्थित कैलाश हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुजीत नारायण के अनुसार,

“सर्दियों में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, खानपान बिगड़ता है और स्मोकिंग-शराब का सेवन बढ़ जाता है। ये सभी कारण मिलकर दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।”

✅ ठंड में हार्ट अटैक से बचने के जरूरी उपाय

  • टॉयलेट जाने से पहले शरीर को थोड़ा गर्म कर लें
  • गर्म बिस्तर से उठते ही जल्दबाजी न करें
  • टॉयलेट सीट और फर्श को ज्यादा ठंडा न रहने दें
  • कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन लें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • बुजुर्ग और हार्ट पेशेंट सुबह विशेष सावधानी बरतें
  • सर्दियों में ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं

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