Saturday, January 10

संतोष ट्रॉफी 2025: जम्मू-कश्मीर फुटबॉल टीम के चयन पर धर्म विवाद, जांच के आदेश

जम्मू: राष्ट्रीय प्रतियोगिता संतोष ट्रॉफी 2025 के लिए चुनी गई जम्मू-कश्मीर की फुटबॉल टीम विवादों में घिर गई है। टीम में शामिल खिलाड़ियों के धर्म को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे जम्मू क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन भी हुए।

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इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने चयन प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति गठित की है। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चयन प्रक्रिया का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि खिलाड़ियों का चयन योग्यता और प्रतिभा के आधार पर किया गया है। उन्होंने खेल में राजनीति घसीटने वालों के खिलाफ चेतावनी भी दी।

खेल मंत्री का बयान:
जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि खेल केवल खिलाड़ियों के लिए है, इसे राजनीति में न घसीटा जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि कश्मीर घाटी में फुटबॉल का परंपरागत स्तर अधिक है, इसलिए चयनित खिलाड़ी वहां से अधिक आए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर हॉकी टीम के 11 में से 10 खिलाड़ी किसी एक समुदाय के हों, तो क्या कहा जाएगा?” मंत्री ने जम्मू में भी फुटबॉल को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पिछले विवादों का संदर्भ:
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि खिलाड़ियों का चयन उनकी प्रतिभा के आधार पर किया गया है, किसी पक्षपात के कारण नहीं। उन्होंने हाल ही में माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों के प्रवेश को लेकर हुए विरोध का भी जिक्र किया और कहा कि हर चीज में राजनीति घसीटना ठीक नहीं है।

स्थिति:
जम्मू-कश्मीर की टीम ने पंजाब में हिमाचल प्रदेश को 3-0 से हराकर चैंपियनशिप में दबदबा बनाया है। हालांकि, टीम चयन विवाद के कारण राज्य में सामंजस्य की कमी उजागर हुई है। अब संबंधित समिति द्वारा रिपोर्ट के बाद ही टीम चयन प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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