Monday, February 2

भारत में फंसे H-1B वर्कर्स के लिए चेतावनी: नौकरी बचाना अब प्राथमिकता

अमेरिका में काम करने के लिए H-1B वीजा पाने वाले भारतीय वर्कर्स को बड़ा झटका लगा है। H-1B वीजा आमतौर पर तीन साल के लिए मिलता है और इसे अगले तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। मगर अब वीजा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट्स कम से कम छह महीने के लिए स्थगित कर दी गई हैं।

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क्या हुआ बदलाव:

  • जिन लोगों का वीजा इंटरव्यू दिसंबर 2025 में होना था, उनकी तारीख मार्च-अप्रैल 2026 तक आगे बढ़ गई है।
  • इसके पीछे कारण है कि अमेरिका में अब सोशल मीडिया अकाउंट की जांच अनिवार्य कर दी गई है।

H-1B वर्कर्स के लिए खतरे:

  • अगर वर्कर की नौकरी चली जाती है, तो उन्हें नई नौकरी पर H-1B याचिका दाखिल करनी होगी।
  • इसके लिए अमेरिकी कंपनी को लगभग 1 लाख डॉलर खर्च करना पड़ेगा, जो कई कंपनियों के लिए संभव नहीं है।
  • कंपनी 6 महीने तक वर्क फ्रॉम होम की अनुमति नहीं देती, तो वर्कर को इमरजेंसी अपॉइंटमेंट के लिए आवेदन करना पड़ सकता है।

एक्सपर्ट का सुझाव:

  • इमिग्रेशन अटॉर्नी एमिली न्यूमैन ने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी काम अपनी नौकरी बचाना है।
  • यदि नौकरी चली गई, तो नई नौकरी मिलने की संभावना जून 2026 तक कम है।
  • वर्कर्स को H-1B वीजा के लिए किसी भी तरह का जल्दबाजी में आवेदन नहीं करना चाहिए, बल्कि धैर्यपूर्वक अपनी अपॉइंटमेंट का इंतजार करना चाहिए।

विशेष जानकारी:
H-1B वर्कर्स को अमेरिका में काम जारी रखने के लिए सुरक्षित रणनीति अपनाना और अपने रोजगार को सुनिश्चित करना ही फिलहाल प्राथमिकता है।

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