सहारनपुर: हैंडपंप को लेकर गरमाई सियासत, कांग्रेस के 2 MLA और पूर्व मंत्री हिरासत में, जानिए पूरा मामला


सहरानपुर. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (Saharanpur) में बेहट थाना क्षेत्र में एक हैंडपंप (Handpump)  प्रशासन के लिए जी का जंजाल बन गया है. पहले एक शिकायत हैंडपंप को जिला प्रशासन ने उखड़वाया तो कांग्रेस नेता विरोध में उतर आए. एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि हैंडपंप वहीं दोबारा लगवा दिया जाएगा तो इसके विरोध में हिंदू संगठन ने विरोध शुरू कर दिया और बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के लोगों ने कस्बे में जुलूस निकालकर कोतवाली बेहट में धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया. इस दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन दिया. एसडीएम के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त किया गया.

इस आश्वासन की खबर कांग्रेसियों का लगी तो एक बार फिर धरने की तैयारी होने लगी. आज मंगलवार को हैंडपंप लगवाने को लेकर धरने पर बैठने जा रहे कांग्रेस के 2 विधायकों पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पूर्व मंत्री व कांग्रेस के बेहट विधायक नरेश सैनी (Behat MLA Naresh Saini) और सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर (MLA Massod Akhtar) को हिरासत (Detained) में लिया गया है. पूर्व मंत्री शायान मसूद को भी हिरासत में लिया गया.

एसपी देहात, सीओ बेहट ने ये कार्रवाई की है. इस दौरान एडीएमई व एसडीएम बेहट मौजूद रहे. दरअसल दो विधायक और पूर्व मंत्री हाइवे पर ही धरने पर बैठ गए थे. मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई. कोतवाली बेहट कस्बे का ये मामला है. इसके बाद पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले गई है. इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष है.

निजी मुचलके पर किए गए रिहाजानकारी के अनुसार कुछ समय बाद सभी कांग्रेस नेताओं को पुलिस लाइन में लाकर निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया है. वहीं पुलिस लाइन में अपने समर्थकों के साथ पूर्व विधायक व कांग्रेस महासचिव इमरान मसूद भी पहुंचे. इमरान मसूद ने इस दौरान कहा कि एक नल का मामला है. बेवजह इसे तूल दिया जा रहा है. दो व्यक्तियों के बीच का मामला है, एक की दुकान के सामने ये नल है, जो हटवाना चाहता है. वहीं दूसरा चाहता है कि उसके सामने नल लग जाए. प्रशासन से 60 साल पुराने इस नल को क्यों हटवा दिया, इसका जवाब उनके पास नहीं है. अब आश्वासन दिया है कि नल लगा देंगे, तो हम राजी हैं. हमें बेवजह झगड़ा नहीं करना है.

ये पूरा मामला

दरअसल, पूरा मामला जनपद सहारनपुर के कस्बा बेहट का है. बेहट कस्बे के मोहल्ला मनिहारान में करीब 40 वर्ष पुराना एक सरकारी हैंडपंप लगा हुआ था, जिसे एक दुकानदार की शिकायत पर स्थानीय प्रशासन ने उखड़वा दिया. हैंडपंप उखाड़े जाने के विरोध में कांग्रेस के बेहट विधायक नरेश सैनी, सहरानपुर देहात विधायक, विधायक मसूद अख्तर सपा नेता व पूर्व एमएलसी उमर अली खान, पूर्व मंत्री शायान मसूद, बेहट चेयरमैन अब्दुल रहमान उर्फ शालू, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन सहित कई जिला पंचायत सदस्यों ने धरना दिया था. इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम ने उसी स्थान पर दोबारा हैंडपंप लगाए जाने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया था.

एसडीएम द्वारा उसी स्थान पर दोबारा हैंडपंप लगाए जाने के आश्वासन के विरोध में अब हिंदू संगठनों में उबाल आ गया. हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता संघ कार्यालय पर इकट्ठा हुए और यहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गए. इस दौरान हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया.

इंस्पेक्टर बेहट राजकुमार शर्मा ने समझाने का प्रयास किया तो कार्यकर्ता एसडीएम को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए. बाद में एसडीएम बेहट मौके पर पहुंचे, जिन्हें हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। जिसके बाद धरना समाप्त किया गया. मामले में बजरंग दल के मेरठ प्रान्त संयोजक विकास त्यागी का कहना है कि यदि दोबारा उस स्थान पर हैंड पंप लगाया गया तो आंदोलन को बाध्य होंगे.





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