Tuesday, January 13

Politics

आईएएस संतोष वर्मा का विवादित बयान, ब्राह्मण समाज में आक्रोश; कार्रवाई की मांग तेज
Madhya Pradesh, Politics, State

आईएएस संतोष वर्मा का विवादित बयान, ब्राह्मण समाज में आक्रोश; कार्रवाई की मांग तेज

भोपाल। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और अजाक्स (अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ) के नए प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उन्होंने ब्राह्मण समाज को लेकर बेहद विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिसके बाद प्रदेश भर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कार्यक्रम के दौरान संतोष वर्मा ने कहा— "जब तक मेरे बेटे का किसी ब्राह्मण की बेटी से संबंध नहीं बनता या कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं करता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।" इस बयान ने न सिर्फ ब्राह्मण समाज को आक्रोशित कर दिया है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। विरोधियों ने इसे सामाजिक समरसता पर हमला बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। विवाद बढ़ने के बाद ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने आईएएस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैया...
Bihar Panchayat Chunav 2026: मुखिया बनने के लिए आवश्यक योग्यता और दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों की अयोग्यता
Bihar, Politics, State

Bihar Panchayat Chunav 2026: मुखिया बनने के लिए आवश्यक योग्यता और दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों की अयोग्यता

पूर्णिया: बिहार में ग्राम पंचायत के मुखिया का पद महत्व और जिम्मेदारी दोनों के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। आगामी बिहार पंचायत चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के लिए यह जानना जरूरी है कि कौन-कौन से नियम और शर्तें उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति देती हैं। मुखिया बनने के लिए आयु और शैक्षणिक योग्यता बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 के अनुसार, मुखिया पद के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। फिलहाल, पंचायत चुनाव के लिए किसी निश्चित शैक्षणिक योग्यता को अनिवार्य नहीं किया गया है। यानी सामान्य नागरिक भी इन चुनावों में भाग ले सकते हैं, बशर्ते अन्य मानदंड पूरे हों। दो से अधिक बच्चों का नियम मुख्य और विवादास्पद नियम उम्मीदवार की संतान संख्या से जुड़ा है। अधिनियम के अनुसार, दो से अधिक जीवित संतान वाले व्यक्ति मुखिया या पंचायत के किसी भी अन्य पद का चुनाव नहीं लड़ सकत...
नीतीश सरकार में असली ‘पावर फैक्टर’ कौन? जानिए किसके हाथ में है हर ताले की चाबी और किस विभाग का होगा जलवा
Bihar, Politics, State

नीतीश सरकार में असली ‘पावर फैक्टर’ कौन? जानिए किसके हाथ में है हर ताले की चाबी और किस विभाग का होगा जलवा

पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब अंदरूनी खींचतान और पावर बंटवारे पर बहस तेज है। कहा जा रहा है कि बीजेपी ने गृह विभाग अपने पास कर लिया है, लेकिन असली ताकत अभी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ में है। गृह विभाग और सामान्य प्रशासन का खेल बीजेपी ने गृह विभाग हासिल किया है, ताकि प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के मामले में शक्ति का संकेत दिया जा सके। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामान्य प्रशासन अपने पास रख कर हर ताले की चाबी अपने हाथ में रख ली है। इससे आईएएस अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रोन्नति और विभागीय ट्रांसफर सीधे उनके नियंत्रण में हैं। गृह मंत्री और गृह सचिव के बीच किसी भी विवाद में मामला सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचता है। यही वजह है कि प्रशासन पर असली पकड़ अभी भी नीतीश कुमार की मुट्ठी में है। अधिकारियों पर नकेल नीतीश कुमार की कार्यशैली में सचिवों के माध्यम से विभागो...
बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी, नए मंत्रियों ने संभाली जिम्मेदारी
Bihar, Politics, State

बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी, नए मंत्रियों ने संभाली जिम्मेदारी

पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार को मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का कार्यभार संभालना शुरू कर दिया। जेडीयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र यादव ने शराबबंदी विभाग की जिम्मेदारी संभाली और सख्त ऐलान किया कि बिहार में शराबबंदी कानून प्रभावी रूप से लागू रहेगा। उन्होंने कहा, "शराब बिहार में प्रतिबंधित है और यह जारी रहेगा। हम समीक्षा बैठक करेंगे, कमियों की पहचान करेंगे और जमीन पर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे।" सुरेंद्र मेहता ने पशुपालन और मत्स्य विभाग का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि वे विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर पशुपालकों और मत्स्य किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए रोडमैप तैयार करेंगे। संजय सिंह टाइगर श्रम संसाधन मंत्री बने। उन्होंने विभाग में चल रहे कार्यों में तेजी लाने और मजदूरों के कल्याण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ...
खेसारी बनाम निरहुआ विवाद: ‘कचरा इतना नहीं करो…’ बयान से गरमाई सियासत और भोजपुरी इंडस्ट्री
Bihar, Politics, State

खेसारी बनाम निरहुआ विवाद: ‘कचरा इतना नहीं करो…’ बयान से गरमाई सियासत और भोजपुरी इंडस्ट्री

बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी भोजपुरी स्टार और आरजेडी नेता खेसारी लाल यादव का तेवर कम होता नहीं दिख रहा है। बीजेपी नेता और अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ के तीखे बयान के बाद खेसारी ने सोशल मीडिया पर तंज कसकर राजनीतिक और मनोरंजन जगत में हलचल बढ़ा दी है। निरहुआ के बयान पर खेसारी का पलटवार खेसारी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर बिना नाम लिए लिखा—“हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता…। पार्टी में पद के लिए इतना बेचैनी ठीक नईखे। कचरा इतना नहीं करो कि वापिस में साफ करने में घिन बरे।” उनका यह शेर सीधे निरहुआ और रवि किशन पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है। खेसारी ने छपरा सीट से आरजेडी टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें 79,245 वोट मिले, जबकि बीजेपी की छोटी कुमारी ने 7,600 वोटों से जीत दर्ज की। ‘जूता मारने’ वाले बयान से भड़की बहस ...
लालू यादव के एक्स-पैरोडी अकाउंट पर महागठबंधन की हार पर तीखी बहस, नेटिजन्स ने बताए हार के कारण
Bihar, Politics, State

लालू यादव के एक्स-पैरोडी अकाउंट पर महागठबंधन की हार पर तीखी बहस, नेटिजन्स ने बताए हार के कारण

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया है। इस बहस की शुरुआत लालू यादव के सर्टिफाइड पैरोडी एक्स अकाउंट से हुई, जिसने नेटिजन्स से पूछा कि “राजद की हार के मुख्य कारण क्या रहे?” इस पोस्ट को दो लाख 61 हज़ार से अधिक लोगों ने देखा और 2,100 लोगों ने इसे लाइक किया। नेटिजन्स की प्रतिक्रिया सामाजिक गठजोड़ में कमजोरी:यूजर विवेक श्रीवास्तव ने लिखा कि भाजपा-जदयू-लोजपा का गठजोड़ महागठबंधन की तुलना में मजबूत था, क्योंकि तीनों दलों के स्थायी वोट बैंक थे। महागठबंधन में असली आधार केवल राजद था और कांग्रेस सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई। गलत रणनीति और ध्रुवीकरण:अगड़ा-पिछड़ा विभाजन करने की अनावश्यक रणनीति से रिवर्स पोलराइजेशन हुआ। पिछड़ों ने महागठबंधन के पक्ष में मजबूती से वोट नहीं दिया, जबकि अगड़ों ने एनडीए को समर्थन दिया। प्रचार और सीट बंटवारे में कमी:...
टीएमसी विधायक के ऐलान पर सियासत गर्म, उमा भारती ने जताई कड़ी आपत्ति
Madhya Pradesh, Politics, State

टीएमसी विधायक के ऐलान पर सियासत गर्म, उमा भारती ने जताई कड़ी आपत्ति

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के बयान पर देश की सियासत तूल पकड़ चुकी है। कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने की घोषणा की, जिसके बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उमा भारती का तीखा बयान कबीर की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए उमा भारती ने कहा कि भारत पर आक्रमण करने वाले बाबर के नाम पर किसी भी प्रकार की इमारत निर्माण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि बाबर के नाम पर निर्माण होने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा और ऐसे कदम को समर्थन देने वाली सरकारों पर भी सवाल उठाए जाएंगे। उमा ने सभी राजनीतिक दलों से इस बयान की निंदा करने की अपील की। ‘इबादत के नाम पर मस्जिद से कोई आपत्ति नहीं’ उमा भारती ने एक्स पर लिखा कि अगर मस्जिद ‘खुदा, इबादत और इस्लाम’ के ना...
बांग्लादेश में चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी की हिंसक धमकियां, ISI के साथ गुप्त गठजोड़ का दावा
Politics, World

बांग्लादेश में चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी की हिंसक धमकियां, ISI के साथ गुप्त गठजोड़ का दावा

ढाका:बांग्लादेश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले देश में सुरक्षा संबंधी गंभीर चेतावनी सामने आई है। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय खुफिया सूत्रों के मुताबिक, कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी चुनाव के दौरान हिंसा और अफरा-तफरी फैलाने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और जमात के बीच गुप्त गठजोड़ एक नरसंहार जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख डॉक्टर शफीकुर्रहमान ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि चुनाव और नेशनल रेफरेंडम के दिन भीषण हिंसा होने की संभावना है। ISI का हस्तक्षेप और हथियार सप्लाई बांग्लादेश के पत्रकार और सुरक्षा विश्लेषक सलाहुद्दीन शोएब चौधरी ने कहा कि ISI की आठ सदस्यीय टीम बांग्लादेश में सक्रिय है। ये टीम स्थानीय कंपनियों के माध्यम से हथियार और विस्फोटक जुटा रही है और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास भी संपर्क साध रही है। ...
बिहार राजनीति: उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश की ‘मक्खी भगाने’ वाली सलाह से विपक्ष को दिया करारा जवाब
Bihar, Politics, State

बिहार राजनीति: उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश की ‘मक्खी भगाने’ वाली सलाह से विपक्ष को दिया करारा जवाब

पटना: बिहार में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा और उनके बेटे दीपक प्रकाश इस समय राजनीति के केंद्र में हैं। हाल ही में बिना चुनाव लड़े ही मंत्री बने दीपक प्रकाश को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक पुरानी सलाह को याद करते हुए सावधानी और तंज के साथ अपना जवाब सोशल मीडिया पर दिया। नीतीश की ‘मक्खी भगाने’ वाली सलाहउपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट किया कि कभी-कभी बड़ों की कही बातें याद रखना जरूरी होता है। उन्होंने नीतीश कुमार की यह पुरानी सलाह साझा की –"खाना खाते वक्त मक्खियां भन-भनाएंगी, चिंता मत कीजिए। बाएं हाथ से भगाते रहिए, दाहिने से खाते रहिए।" इस ट्वीट के जरिए कुशवाहा ने न केवल विपक्ष को इशारों में जवाब दिया, बल्कि अपने बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री बनने पर उठ रहे विवाद को लेकर भी मजबूत रुख दिखाया। उनका संदेश सा...
बिहार में ‘पावर गेम’: सम्राट चौधरी का बढ़ा कद, सत्ता की चाबी अब भी नीतीश के हाथ
Bihar, Politics, State

बिहार में ‘पावर गेम’: सम्राट चौधरी का बढ़ा कद, सत्ता की चाबी अब भी नीतीश के हाथ

पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा सत्ता समीकरण बदलाव देखने को मिला है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अब राज्य के कानून-व्यवस्था और पुलिस विभाग का संपूर्ण अधिकार मिल गया है। इस कदम ने न केवल उनके राजनीतिक कद को बढ़ाया है, बल्कि भाजपा की स्थिति को भी राज्य में पहले से अधिक मजबूत किया है। पुलिस विभाग पर भाजपा का नियंत्रणदो दशकों में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे का सबसे शक्तिशाली माना जाने वाला गृह मंत्रालय अपने सहयोगी दल भाजपा के खाते में सौंपा। अब आईपीएस और बीपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग सीधे सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पुलिस तंत्र किसी भी सरकार की जमीनी ताकत होता है; इसलिए इस अधिकार से भाजपा को जनता तक पहुंच और प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिलेगा। नीतीश कुमार के हाथ में प्रशासनिक नियंत्रणहालांकि, उच्च प्रशासनिक अधिकारियों जैस...