
लेख:
अक्सर लोग हेल्दी लड्डू बनाने के लिए गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बाद में शिकायत करते हैं कि लड्डू ठंडा होने पर ‘पत्थर जैसे’ सख्त हो गए। इसका मुख्य कारण है गुड़ को पकाने में हुई छोटी-सी गलती।
सर्दियों में लोग अक्सर गुड़-तिल या गुड़-सौंठ के लड्डू बनाते हैं। ये सेहत के लिए अच्छे होते हैं और मकर संक्रांति पर परंपरागत रूप से बनाए जाते हैं। लेकिन महिलाओं की शिकायत रहती है कि ये लड्डू हाथ से तोड़ने तक मुश्किल हो जाते हैं।
1. सबसे बड़ी गलती: गुड़ को ज्यादा पकाना
लोग अक्सर गुड़ की चाशनी को तब तक उबालते हैं जब तक वह बहुत गाढ़ी न हो जाए। जैसे ही गुड़ हार्ड बॉल स्टेज तक पहुंचता है, वह ठंडा होने पर क्रिस्टलाइज हो जाता है। इससे लड्डू पत्थर की तरह सख्त बनते हैं।
ट्रिक: गुड़ को हल्की आंच पर पकाएं और चाशनी बस तब तक तैयार करें जब उसमें झाग आने लगे।
2. पानी और गुड़ का सही चुनाव
हमेशा गहरा रंग और नरम गुड़ लें। सफेद या बहुत साफ दिखने वाले गुड़ में मिलावट होने की संभावना रहती है।
चाशनी बनाते समय 1-2 चम्मच पानी ही पर्याप्त है। ज्यादा पानी डालने से गुड़ जरूरत से ज्यादा पक जाता है और लड्डू सख्त बनते हैं।
3. सॉफ्ट चाशनी की पहचान
एक कटोरी में ठंडा पानी लें।
चाशनी की एक बूंद डालें। अगर वह पानी में फैलती नहीं और हाथ से उठाने पर नरम गोली जैसी बनती है, तो चाशनी सही है।
यदि चाशनी टूटती है या कड़क आवाज करती है, तो लड्डू सख्त होंगे।
4. घी का जादुई इस्तेमाल
गुड़ पिघलाते समय 1-2 चम्मच शुद्ध देसी घी डालें।
घी लड्डू में चमक और मुलायमता लाता है और गुड़ को पत्थर जैसी बनावट से बचाता है।
5. सामग्री मिलाएं केवल आंच बंद होने के बाद
जैसे ही गुड़ की चाशनी तैयार हो जाए, गैस तुरंत बंद करें।
मेवे, तिल या आटा जलती आंच पर न डालें।
हल्का ठंडा होने पर तुरंत लड्डू बांधें। अगर मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो गया, तो लड्डू बिखर सकते हैं।
निष्कर्ष:
इन आसान ट्रिक्स को अपनाकर आप हमेशा नरम, मुलायम और मुंह में घुलने वाले लड्डू बना सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी इंटरनेट स्रोतों पर आधारित है। एनबीटी इसकी पूर्ण सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता।