‘अस्पतालों में कुत्तों की एंट्री का सुझाव स्वीकार नहीं’, सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
नई दिल्ली: आवारा कुत्तों से जुड़े विवादित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों में कुत्तों को लाने जैसे सुझावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि ये दलीलें वास्तविकता से दूर हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ कुत्तों बनाम इंसानों का नहीं, बल्कि संवैधानिक सीमाओं, सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण के संतुलन का प्रश्न है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे. मेहता ने कहा, "अस्पतालों में कुत्तों को अनुमति देने का सुझाव स्वीकार्य नहीं है।" अदालत ने कथित एंटी-फीडर विजिलेंट द्वारा महिला डॉग फीडरों के उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने से भी इनकार कर दिया और इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह विवाद अब केवल कुत्तों या इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवैधानिक शक्तियों और सीमाओं का सवाल है। डॉग राइट्स संगठन की ओर...










