
नई दिल्ली: दिल्ली के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हाल ही में नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि इस अभियान में मस्जिद को कोई नुकसान पहुंचा।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई थी, जिसका मकसद मस्जिद के आसपास बने अवैध व्यावसायिक ढांचों—जैसे डायग्नोस्टिक सेंटर और वेडिंग हॉल—को हटाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद का ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई क्षति नहीं पहुंची।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल और पाकिस्तान एक ही सुर में हैं। उन्होंने कहा, “यह अब साफ हो गया है कि कानूनी कार्रवाई को धार्मिक ढांचे पर हमला दिखाने के लिए जानबूझकर झूठ फैलाया गया। यह दुष्प्रचार केवल संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है, जिसे पाकिस्तान ने तुरंत अपनाया। विपक्ष केवल इसे दोहरा रहा है।”
बीजेपी प्रवक्ता ने अतीत के उदाहरण भी दिए, जैसे अनुच्छेद 370 हटाना, नागरिकता संशोधन कानून (CAA), सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट हवाई हमले के दौरान भी विपक्ष और पाकिस्तान के दावे समान रहे। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी नेताओं के लिए LoP का अर्थ “लीडर ऑफ अपोजिशन” नहीं, बल्कि “लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा फॉर पाकिस्तान” बन गया है।
शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस, टीएमसी, वामपंथी दल और समाजवादी पार्टी को निशाना बनाते हुए कहा कि इन दलों ने अदालत के आदेशों की अनदेखी कर अशांति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कांग्रेस को ‘इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस’ तक कह डाला और आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन भारत की छवि खराब करने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहा है।