Thursday, April 9

Natioanal

ताशकंद की ‘काली रात’: शांति समझौता या पीएम शास्त्री के खिलाफ गहरी साजिश? अधूरी जांच और गायब सबूत
Natioanal

ताशकंद की ‘काली रात’: शांति समझौता या पीएम शास्त्री के खिलाफ गहरी साजिश? अधूरी जांच और गायब सबूत

नई दिल्ली: 10 जनवरी 1966 का दिन भारतीय राजनीति और इतिहास में एक ऐसा मोड़ लेकर आया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। 1965 की भारत–पाकिस्तान युद्ध के बाद ताशकंद में शांति समझौता हुआ, लेकिन कुछ घंटे बाद ही तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का रहस्यमय निधन इस समझौते की खुशी को मात दे गया। ताशकंद समझौता: शांति की राह 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के बाद सोवियत संघ ने मध्यस्थता करते हुए दोनों देशों को ताशकंद बुलाया। 4 से 10 जनवरी 1966 तक चली वार्ता के बाद 10 जनवरी को समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के अनुसार दोनों देशों की सेनाएँ युद्ध से पहले की स्थिति में लौटेंगी। दोनों देश आपसी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। युद्धबंदियों की रिहाई और द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की जिम्मेदारी दोनों नेताओं को सौंपी गई। समझौते पर हस्ताक्षर भारत के राष्ट्रपति लाल बहादुर शास...
सुप्रीम कोर्ट ने फिर से खोला जयपुर शाही परिवार और JDA के बीच ₹400 करोड़ जमीन विवाद
Natioanal

सुप्रीम कोर्ट ने फिर से खोला जयपुर शाही परिवार और JDA के बीच ₹400 करोड़ जमीन विवाद

नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) और पूर्व राजघराने की सदस्य एवं पूर्व डिप्टी सीएम दीया कुमारी के परिवार के बीच 400 करोड़ रुपये की जमीन के विवाद में राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। हाई कोर्ट ने पहले निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा था, जो राजघराने के पक्ष में था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई फिर से शुरू करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: जस्टिस जे बी पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट ने तकनीकी आधार पर JDA की अपील पर विचार करने से इनकार करके सही काम नहीं किया। कोर्ट ने हाई कोर्ट को चार हफ्तों के अंदर JDA की पहली अपील पर मेरिट के आधार पर फैसला लेने और अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मामले की पृष्ठभूमि: विवाद जयपुर के शहरी इलाके में फैली जमीन से जुड़ा है, जिसे पहले 'हथरोई ग...
देश के 44% शहर सालभर प्रदूषण की चपेट में, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम सिर्फ 4% शहरों को कवर करता है
Natioanal

देश के 44% शहर सालभर प्रदूषण की चपेट में, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम सिर्फ 4% शहरों को कवर करता है

नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: देश के लगभग आधे शहर लगातार पांच साल से अधिक समय तक वायु प्रदूषण के उच्च स्तर को झेल रहे हैं। हाल ही में सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि देश के 4041 शहरों में से 1787 शहरों में 2019 से 2024 तक हर साल पीएम 2.5 मानक से अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया। इस आंकड़े में कोविड वर्ष 2020 शामिल नहीं है। हालांकि, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) में केवल 130 शहर शामिल हैं, यानी प्रदूषित शहरों का सिर्फ 4 प्रतिशत। इन 1787 प्रदूषित शहरों में से केवल 67 शहर ही NCAP के तहत आते हैं। CREA का विश्लेषण और मुख्य बातें: देश के 44 प्रतिशत शहर लंबे समय से सालभर पीएम 2.5 प्रदूषण से प्रभावित हैं। प्रदूषण मुख्य रूप से परिवहन, उद्योग और पावर प्लांट से होने वाले उत्सर्जन के कारण है। 130 NCAP शहरों में से 28 शहरों में कॉन्टिन्यूअस एय...
ट्रंप का अहंकार भारत-अमेरिका रिश्तों पर भारी?
Natioanal

ट्रंप का अहंकार भारत-अमेरिका रिश्तों पर भारी?

नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक के हालिया बयान ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई कड़वाहट पैदा कर दी है। लुटनिक ने एक पॉडकास्ट में सीधे तौर पर भारत को व्यापार समझौते में देरी का जिम्मेदार ठहराया, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बहस तेज हो गई है। भारत की हिचकिचाहट पर ट्रंप की नाराजगी: लुटनिक के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच समझौता लगभग तैयार था, लेकिन नई दिल्ली की हिचकिचाहट और असहजता के कारण डील परवान नहीं चढ़ सकी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन करना चाहिए था, जिन्हें इस सौदे का ‘अल्टीमेट क्लोजर’ माना गया। लुटनिक के बयान ने संकेत दिए हैं कि ट्रंप के व्यक्तिगत अहंकार और नाराजगी के चलते भारत-अमेरिका रिश्तों में अनिश्चितता बढ़ रही है। भारत ने अपने रुख़ को स्पष्ट किया: भारत ने लुटनिक के दावों को ‘तथ्यात्मक ...
AI और विज्ञान में नई क्रांति: LLM की मदद से खोजे जाएंगे अनसुलझे सवाल
Natioanal

AI और विज्ञान में नई क्रांति: LLM की मदद से खोजे जाएंगे अनसुलझे सवाल

नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: विज्ञान और तकनीक की दुनिया में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सौरमंडल में नौवें ग्रह की खोज हो सकती है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नई वैज्ञानिक खोजें संभव होंगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा। इसके साथ ही सेल्फ हीलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए निर्माणाधीन ढांचों का नुकसान कम किया जा सकेगा। नए ग्रह की खोज: प्लूटो से ग्रह का दर्जा छीनने के बाद सौरमंडल का सबसे दूरवर्ती ग्रह नेप्च्यून ही माना जाता था। लेकिन दिसंबर 2025 में जापानी खगोलशास्त्रियों ने इन्फ्रारेड इमेजिंग वाले सैटेलाइट्स की पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करके पाया कि कोई वस्तु अपनी जगह से हटी हुई है। धरती के 7 से 17 गुना वजन वाली यह बर्फीली चीज सौरमंडल का नवां ग्रह हो सकती है। AI एजेंट्स से विज्ञान में छलांग: AI एजेंट्स यानी वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए बनाए गए प्रोग्राम, जो कई ल...
कोट ऑफ द डे: लाल बहादुर शास्त्री “अनुशासन और एकजुट कार्रवाई ही देश के लिए वास्तविक शक्ति का स्रोत है”
Natioanal

कोट ऑफ द डे: लाल बहादुर शास्त्री “अनुशासन और एकजुट कार्रवाई ही देश के लिए वास्तविक शक्ति का स्रोत है”

नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में निधन हुआ था। सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति के प्रतीक शास्त्री जी ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली राजनीतिक जीवन में देश को अनुशासन और एकजुटता का पाठ पढ़ाया। शास्त्री जी ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खाद्य संकट से निपटने के लिए देशवासियों से “सप्ताह में एक दिन भोजन न करने” का आह्वान किया। उनके इस प्रेरक कदम पर लाखों भारतीयों ने अपने हिस्से का योगदान देकर देश के सामने एकजुटता और त्याग का उदाहरण प्रस्तुत किया। शास्त्री जी का प्रसिद्ध कथन है: “अनुशासन और एकजुट कार्रवाई ही देश के लिए वास्तविक शक्ति का स्रोत है।” इसका अर्थ था कि नागरिक न केवल अपने अधिकारों को समझें, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी निभाएं। साथ ही, देशवासियों को जाति, धर्म, भाषा या राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में ए...
यूएस से तनातनी के बीच ईरान के विदेश मंत्री का भारत दौरा, चाबहार पोर्ट रहेगा मुख्य एजेंडा
Natioanal

यूएस से तनातनी के बीच ईरान के विदेश मंत्री का भारत दौरा, चाबहार पोर्ट रहेगा मुख्य एजेंडा

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य एजेंडा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह होगा। इस मुद्दे की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अमेरिका से मिली छूट अप्रैल में समाप्त हो रही है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची 15-16 जनवरी को भारत आएंगे। वह विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से भी बातचीत करेंगे। चाबहार पोर्ट की अहमियत: चाबहार पोर्ट न केवल अफगानिस्तान के लिए, बल्कि मध्य एशियाई देशों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है। यह हिंद महासागर तक पहुंचने का एक रणनीतिक रास्ता है और भारतीय व खाड़ी देशों के बाजारों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करता है। इसके अलावा यह पोर्ट रूस के मध्य एशियाई हिस्सों से भी जु...
सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी विवाद जारी, अरावली की सुरक्षा पर एक्टिविस्ट की चिंता
Natioanal

सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी विवाद जारी, अरावली की सुरक्षा पर एक्टिविस्ट की चिंता

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वत रेंज की नई परिभाषा पर रोक लगा दी है। अब 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली का हिस्सा नहीं माना जाएगा। यह निर्णय पर्यावरण एक्टिविस्ट और स्थानीय समुदायों के लिए राहत भरा है, लेकिन उनका मानना है कि अरावली के पूर्ण संरक्षण के बिना विवाद खत्म नहीं होगा। नीलम अहलूवालिया का इंटरव्यू: अरावली विरासत जन अभियान और पीपल फॉर अरावली की फाउंडर मेंबर नीलम अहलूवालिया ने कहा, "हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन एक्सपर्ट कमेटी तय करेगी कि कौन सी पहाड़ियां अरावली का हिस्सा हैं। हमें अरावली को परिभाषित करने की जरूरत नहीं, बल्कि इसके पूर्ण संरक्षण और बचाव की जरूरत है।" नीलम ने कहा कि पिछले कई दशकों में अरावली खनन और रियल एस्टेट गतिविधियों के कारण भारी नुकसान झेल चुकी है। "अवधारणाओं और नियमों के बावजूद कई कम ऊंचाई वाली पहाड़ियां कानूनी संरक्ष...
भारत की अगुवाई वाले ISA और IPCC से अमेरिका का किनारा, छोड़े 66 अंतरराष्ट्रीय संगठन
Natioanal

भारत की अगुवाई वाले ISA और IPCC से अमेरिका का किनारा, छोड़े 66 अंतरराष्ट्रीय संगठन

नई दिल्ली: अमेरिकी प्रशासन ने 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से खुद को अलग करने का ऐलान किया है, जिनमें भारत की अगुवाई वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) और इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) भी शामिल हैं। अमेरिका का यह कदम उन संस्थाओं से दूर जाने के रूप में देखा जा रहा है, जो उसके राष्ट्रीय हितों, आर्थिक विकास या संप्रभुता के साथ लंबे समय तक मेल नहीं खातीं। वाइट हाउस के बयान के अनुसार, अमेरिका का यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र (UN) के 31 और गैर-UN के 35 निकायों पर असर डालेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि ये संगठन अमेरिकी प्राथमिकताओं के खिलाफ काम कर रहे हैं और उनके कारण राष्ट्रीय सुरक्षा को जोखिम हो सकता है। ISA और उसकी भूमिका इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) का गठन भारत और फ्रांस ने 2015 में किया था। इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना, सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर...
बारामूला में गश्त के दौरान जवान की दर्दनाक मौत, चिनार कोर ने दी श्रद्धांजलि
Natioanal

बारामूला में गश्त के दौरान जवान की दर्दनाक मौत, चिनार कोर ने दी श्रद्धांजलि

जम्मू-कश्मीर, बारामूला: जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में गश्त के दौरान ऊंचाई से फिसलने के कारण सूबेदार हीरा लाल की मृत्यु हो गई। चिनार कोर ने उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सूबेदार हीरा लाल हरियाणा के अकबरपुर इलाके के निवासी थे। उन्हें रात की गश्त के दौरान फतेहगढ़ के शीरी इलाके में दुर्घटना का सामना करना पड़ा। गंभीर स्थिति में उन्हें बारामूला के सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने बीबी कैंट में पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, जवान और कर्मी मौजूद रहे। सेना ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह इस कठिन समय में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। सेना ने परिवार के कल्याण के लिए हर संभव सहायता क...