Saturday, January 10

यूएस से तनातनी के बीच ईरान के विदेश मंत्री का भारत दौरा, चाबहार पोर्ट रहेगा मुख्य एजेंडा

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य एजेंडा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह होगा। इस मुद्दे की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अमेरिका से मिली छूट अप्रैल में समाप्त हो रही है।

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ईरानी विदेश मंत्री अराघची 15-16 जनवरी को भारत आएंगे। वह विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से भी बातचीत करेंगे।

चाबहार पोर्ट की अहमियत:
चाबहार पोर्ट न केवल अफगानिस्तान के लिए, बल्कि मध्य एशियाई देशों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है। यह हिंद महासागर तक पहुंचने का एक रणनीतिक रास्ता है और भारतीय व खाड़ी देशों के बाजारों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करता है। इसके अलावा यह पोर्ट रूस के मध्य एशियाई हिस्सों से भी जुड़ता है, जिससे बेहतर कनेक्टिविटी संभव होती है।

अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट:
भारत ने अक्टूबर 2025 में चाबहार पोर्ट के लिए अमेरिका से छह महीने की छूट हासिल की थी। इससे पहले, 13 मई, 2024 को भारत ने इस पोर्ट के 10 साल के प्रबंधन का अनुबंध इंडियन पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड और ईरान के पोर्ट एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के बीच किया था।

वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व:
चाबहार पोर्ट भारत-अफगानिस्तान आर्थिक साझेदारी और मानवीय सहायता की आपूर्ति के लिए अहम है। उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और ताजिकिस्तान भी इस पोर्ट के माध्यम से हिंद महासागर तक पहुंच बढ़ाने और भारत के साथ व्यापार बढ़ाने के इच्छुक हैं। भारत यूरेशिया के बाजारों तक पहुंचने और रेयर अर्थ खनिजों सहित वस्तुओं के लिए भी पोर्ट का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।

राजनयिक संबंधों का जश्न:
अराघची की यात्रा के दौरान भारत और ईरान के बीच 75 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा। इसके अलावा उन्हें ऐतिहासिक द्विपक्षीय दस्तावेजों की प्रदर्शनी देखने और कारोबारी समुदाय व थिंक टैंक के साथ चर्चा करने का अवसर भी मिलेगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस दौरे के बाद चाबहार पोर्ट के संचालन और भविष्य को लेकर दोनों देशों के बीच स्पष्ट रूप से दिशा तय होगी, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

 

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