ब्रिटिश काल के साहित्य को हटाकर राष्ट्रपति भवन में खुला ‘ग्रंथ कुटीर’, पौराणिक और शास्त्रीय भारत की 2300 कृतियों का संग्रह
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में ‘ग्रंथ कुटीर’ का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत ब्रिटिश काल के साहित्य को हटाकर भारत की 11 शास्त्रीय भाषाओं की करीब 2,300 ग्रंथों और पांडुलिपियों का संग्रह स्थापित किया गया। यह कदम भारत की सभ्यतागत और साहित्यिक विरासत को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयास का हिस्सा है।
11 शास्त्रीय भाषाओं में समृद्ध साहित्य
राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार इस संग्रह में तमिल, संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओडिया, मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला भाषाओं की रचनाएं शामिल हैं। इसमें महाकाव्य, दर्शन, भाषा विज्ञान, इतिहास, शासन, विज्ञान और भक्ति साहित्य जैसे विषयों की पांडुलिपियां और पुस्तकें हैं। लगभग 50 पांडुलिपियां ताड़ के पत्ते, कागज, छाल और कपड़े जैसी पारंपरिक सामग्रियों प...








