Sunday, July 12

This slideshow requires JavaScript.

डिजिटल रुपये के प्रचार-प्रसार में जुटा RBI, देशभर में बढ़ाई जा रही जागरूकता

This slideshow requires JavaScript.

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश में डिजिटल रुपया (Central Bank Digital Currency – CBDC) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, बैंकिंग संस्थानों एवं विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए नागरिकों को डिजिटल रुपये के बारे में जानकारी दी जा रही है और इसके उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

डिजिटल रुपया भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी कानूनी मुद्रा (Legal Tender) का डिजिटल स्वरूप है। यह किसी निजी क्रिप्टोकरेंसी की तरह नहीं, बल्कि नकद रुपये का डिजिटल संस्करण है। इसका उपयोग मोबाइल एप के माध्यम से किया जा सकता है और QR कोड स्कैन कर भुगतान किया जा सकता है। इससे लेन-देन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनता है।

RBI का उद्देश्य देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, नकदी प्रबंधन की लागत कम करना तथा सुरक्षित डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। वर्तमान में चुनिंदा बैंकों के माध्यम से डिजिटल रुपये का पायलट प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है, जिसे धीरे-धीरे अधिक लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल रुपये का उपयोग व्यापार, खुदरा भुगतान, सरकारी योजनाओं एवं दैनिक लेन-देन में तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि, RBI या भारत सरकार ने कागजी नोटों और सिक्कों को बंद करने अथवा नोटबंदी जैसी किसी नई योजना की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। वर्तमान में नकद मुद्रा और डिजिटल रुपया दोनों समान रूप से वैध (Legal Tender) हैं और दोनों का उपयोग जारी रहेगा।

RBI नागरिकों से अपील कर रहा है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें और डिजिटल रुपये से जुड़ी किसी भी अफवाह या भ्रामक संदेश पर ध्यान न दें।

(नोट: यह समाचार भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई सार्वजनिक जानकारी एवं वर्तमान डिजिटल रुपया (CBDC) पहल के आधार पर तैयार किया गया है।)

Leave a Reply