Tuesday, February 24

बिजनेस क्लास में बढ़ती मांग: एयर इंडिया और विदेशी एयरलाइंस कर रही हैं अरबों रुपये का निवेश

नई दिल्ली: पिछले कुछ सालों में भारत में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही इंटरनेशनल रूट्स पर बिजनेस और फर्स्ट क्लास में सफर करने की प्रवृत्ति भी तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि एयर इंडिया समेत कई विदेशी एयरलाइंस अपने विमानों में प्रीमियम सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए अरबों रुपये का निवेश कर रही हैं।

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एयर इंडिया की पहल

टाटा ग्रुप की कंपनी एयर इंडिया ने अपने 400 मिलियन डॉलर के केबिन रेट्रोफिट प्रोग्राम के तहत प्रीमियम सीटों की संख्या दोगुनी करने का फैसला किया है। इसके अलावा कंपनी ने अपने बेड़े में नया बोइंग 787 ड्रीमलाइनर जोड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट के मुख्य हब में एयर इंडिया ने एक शानदार लाउंज भी शुरू किया है, जिसमें लंबी लेओवर वाले यात्रियों के लिए स्लीपर सुइट्स उपलब्ध हैं। इस साल एयर इंडिया अपने बेड़े में छह और लॉन्ग-हॉल ड्रीमलाइनर प्लेन जोड़ने वाली है और सैन फ्रांसिस्को व न्यूयॉर्क जैसे लोकप्रिय रूट पर प्रीमियम लाउंज खोलने का लक्ष्य रखती है।

विदेशी एयरलाइंस भी पीछे नहीं

संयुक्त अरब अमीरात की एमिरेट्स एयरलाइंस ने 500 बिलियन डॉलर के प्रोग्राम के तहत अपने केबिन अपग्रेड करने की योजना बनाई है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय लॉन्ग-हॉल यात्री अब आराम, लचीलेपन और प्रीमियम अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं।

जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। जुलाई से दिल्ली रूट पर उनके बोइंग 787 प्लेन में बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए Allegris सीट्स पेश की जाएंगी। ये सीटें पूरी तरह बंद होंगी और स्लाइडिंग दरवाजों के साथ होंगी, जिससे यात्रियों को होटल के कमरे जैसा अहसास मिलेगा।

महंगा लेकिन लाभकारी दांव

प्रीमियम सीटों का विस्तार एयरलाइंस के लिए महंगा साबित होता है। ये सीटें भारी और ज्यादा जगह घेरती हैं, जिससे ऑपरेटिंग लागत बढ़ जाती है। लेकिन एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के अनुसार, प्रीमियम ग्राहकों से एयरलाइन ज्यादा किराया वसूल सकती है, जिससे निवेश का लाभ तुरंत दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि दुबई, न्यूयॉर्क और लंदन रूट पर नए इंटीरियर्स वाले प्लेन पहले से ही अच्छा फायदा दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड आने वाले समय में और तेज होगा, क्योंकि भारत के व्यावसायिक और अंतरराष्ट्रीय यात्री आराम और प्रीमियम सुविधाओं को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

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