
नई दिल्ली: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों तेज़ी से नीचे गिरे। शुरुआती एक घंटे के कारोबार में ही निवेशकों के लगभग 2.94 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
दोपहर 12:30 बजे तक सेंसेक्स 1019.78 अंक गिरकर 82,274.88 पर आ गया। निफ्टी 50 भी 284.65 अंक लुढ़ककर 25,428.35 पर कारोबार कर रहा था। कुल मार्केट कैप घटकर 466 लाख करोड़ रुपये रह गया।
गिरावट के 5 मुख्य कारण:
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आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली हुई। इसकी वजह एंथ्रोपिक (Anthropic) कंपनी का नया क्लाउड टूल था, जो पुराने COBOL सिस्टम को अपग्रेड कर सकता है। -
ट्रंप की नई टैरिफ की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि जिन देशों ने हालिया सुप्रीम कोर्ट फैसले के साथ खेला, उन्हें 15% ग्लोबल टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। इससे वैश्विक व्यापार को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ी और बिकवाली तेज़ हुई। -
अमेरिकी और एशियाई बाजार में गिरावट
एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी रही। MSCI एशिया-पैसिफिक एक्स जापान इंडेक्स 0.2% गिरा। अमेरिका में S&P 500 1.0% और नैस्डैक 1.1% नीचे आए। -
साप्ताहिक एक्सपायरी का दबाव
निफ्टी 50 डेरिवेट्स की साप्ताहिक एक्सपायरी के चलते ट्रेडर्स अपनी पोज़िशन स्क्वायर ऑफ और रोल ओवर कर रहे थे। इससे अंडरलाइंग इंडेक्स में असामान्य हलचल और बिकवाली का दबाव बढ़ गया। -
कमजोर रुपया बनाम डॉलर
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 90.95 पर आ गया। कमजोर रुपया विदेशी पूंजी बाहर जाने और आयात लागत बढ़ने का कारण बन सकता है, जिससे कंपनियों की कमाई पर दबाव और बाजार का सेंटिमेंट गिरता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने जैसी परिस्थितियां मिलकर बाजार में इस तेज़ गिरावट का कारण बनी हैं।
