
नई दिल्ली, मनोज जोशी:
टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 में कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम को पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद में यह हार भारत के लिए चिंता का सबब बन गई है, लेकिन अब पैनिक करने का समय नहीं है।
विशेषज्ञों और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि टीम को अपनी मौजूदा ताकत पर भरोसा रखते हुए रणनीति बनानी चाहिए। बड़े बदलाव इस समय उल्टा असर डाल सकते हैं, इसलिए टीम को अपनी स्ट्रेंथ पर फोकस करना जरूरी है।
कमजोरियों की पहचान
भारत को सबसे बड़ी चुनौती अपनी खराब शुरुआत से उबरना रही। साउथ अफ्रीका ने भारतीय बल्लेबाजों को धीमी गेंद के खिलाफ दबाव में ला दिया। मिलर, ब्रेविस और स्टब्स ने मैच में परिपक्व बल्लेबाजी दिखाई, जबकि भारत के खिलाड़ी तेजी से आउट हो गए।
साउथ अफ्रीका ने हर बल्लेबाज के लिए अलग रणनीति अपनाई। लेफ्टी ओपनरों के खिलाफ पार्ट-टाइम स्पिनर्स का इस्तेमाल किया, अभिषेक शर्मा को लगातार परेशान किया और सूर्यकुमार यादव को धीमी गेंदों पर फंसा दिया। लुंगी एनगिडी की ऑफसाइड फील्ड, मार्को येनसन की नकल बॉल और केशव महाराज की शॉट इनवाइटिंग गेंदों ने भारतीय बल्लेबाजों को नियंत्रण खोने पर मजबूर कर दिया।
कप्तानी और प्लानिंग पर सवाल
उपकप्तान अक्षर पटेल को नहीं खिलाना भारतीय रणनीति में चूक साबित हुई, क्योंकि उन्होंने पिछले T20 विश्व कप में मुश्किल हालात में टीम को संभाला था।
वाशिंगटन सुंदर को तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोग न करना भी सवाल उठाता है।
वरुण चक्रवर्ती पर भरोसा न जताना, जब ट्रंप कार्ड माने जाने वाले गेंदबाज काम नहीं कर पा रहे थे, रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगे की चुनौती
टीम इंडिया का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से है। ये टीमें साउथ अफ्रीका जितनी खतरनाक नहीं हैं, लेकिन जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों को हराकर अपनी ताकत दिखा दी है। कप्तान सिकंदर रजा लेग स्पिन और ऑफ स्पिन दोनों में खतरनाक हैं।
वेस्टइंडीज के पास दो बार टी20 विश्व कप जीत का अनुभव है। रोस्टन चेज बेहतरीन ऑफ स्पिनर हैं और गुडाकेश मोती की चाइनामैन गेंदबाजी खतरनाक साबित हो सकती है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच ईडन गार्डन में खेला जाएगा, जहां इस टीम ने पहले भी खिताबी मुकाबला जीता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारतीय टीम अपनी ताकत पर भरोसा रखकर खेलती है, अपनी कमजोरियों को ठीक समय पर सुधारती है और सही रणनीति अपनाती है, तो टी20 विश्व कप में खिताब जीतने का सपना अभी भी जीवित है।
