
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार के 1.28 लाख बंद पड़े सरकारी खातों में लगभग 244.76 करोड़ रुपये मिले हैं। ये रकम एक दशक से अधिक समय से इन खातों में पड़ी थी और किसी भी सरकारी योजना या खर्च के लिए इस्तेमाल नहीं हुई। वित्त विभाग ने अब इस फंड की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बंद खातों की जानकारी स्क्रूटनी में आई सामने
राज्य के बंद सरकारी खातों की जानकारी हाल ही में फाइनेंस डिपार्टमेंट द्वारा सलाना बजट फाइनल करते समय सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि यह राशि राज्य सरकार के कई आदिवासी कल्याण और विकास योजनाओं के लिए खोले गए अकाउंट्स में थी, लेकिन ये खातें वर्षों तक एक्टिव नहीं रहे।
आरबीआई से फंड रिकवरी की प्रक्रिया
आरबीआई के नियमों के मुताबिक 10 साल या उससे अधिक समय से बिना क्लेम वाले पैसे को डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है। अब वित्त विभाग ने सभी डॉर्मेंट अकाउंट्स के फंड को राज्य सरकार के कंसोलिडेटेड फंड में वापस लाने के लिए तीन चरणों में क्लेम प्रक्रिया शुरू की है।
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टॉप 50 अकाउंट्स – 25 फरवरी तक
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अगले 50 अकाउंट्स – 5 मार्च तक
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शेष अकाउंट्स – 10 मार्च तक
प्रत्येक क्लेम से पहले अकाउंट का री-केवाईसी अनिवार्य है।
सरकारी फंड ट्रैकिंग में सुधार
वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनीष रस्तोगी ने बताया कि अब डिस्ट्रिक्ट अधिकारियों से वेरिफिकेशन और नॉर्म्स के अनुसार क्लेम करने को कहा गया है। अधिकारियों ने यह भी माना कि पिछले कुछ सालों में सरकारी फंड्स के ट्रैकिंग सिस्टम में कमियां थीं। अब डेली मॉनिटरिंग और प्रोग्रेस रिपोर्टिंग लागू कर दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फंड की रिकवरी से राज्य सरकार को वित्तीय राहत मिलेगी और आर्थिक तंगी में मदद मिलेगी।
