Tuesday, February 17

गोरखपुर में मोहन भागवत का बयान: संघ का विस्तार, समर्थकों से दोस्ती और समाज को एकजुट करने का संदेश

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सक्रिय दिख रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गोरखपुर में आयोजित बैठक में साफ किया कि संघ का विस्तार किसी भी राजनीतिक दल की सीमाओं में नहीं बंधेगा। सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों से संपर्क कर उन्हें संघ से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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मुख्य बातें:

  • भागवत ने स्वयंसेवकों को निर्देश दिए कि वे सभी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बिना भेदभाव संपर्क बनाएं।

  • जातीय मुद्दों से ऊपर उठकर हिंदुत्व और अपनेपन के आधार पर लोगों से जुड़ने पर जोर दिया गया।

  • सदस्यता अभियान और हिंदू सम्मेलन के माध्यम से लोगों को स्वेच्छा से जोड़ने पर बल दिया गया।

  • धर्म परिवर्तन (मतांतरण) के मुद्दे पर सचेत करते हुए कहा कि केवल रोकने की बजाय उनसे संवाद और जुड़ाव बनाना जरूरी है।

रणनीतिक संकेत:
भागवत का बयान प्रदेश की राजनीति में जातीय आधार पर बांटने की प्रवृत्ति के खिलाफ एक बड़ा संदेश है। उनका प्रयास समाज को एकजुट करने और स्थायी जुड़ाव बनाने की दिशा में है। इसके जरिए संघ प्रदेश में अपनी पहुँच बढ़ाने के साथ सामाजिक एकता पर जोर दे रहा है।

विशेष पहल:
भागवत ने वास्तविक सहभोज और घरों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संघ से जोड़ने की रणनीति अपनाने की सलाह दी। उनका कहना है कि केवल औपचारिक सदस्यता से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्नेह और अपनत्व से स्थायी जुड़ाव संभव है।

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