
जबलपुर: शहर की एक वरिष्ठ महिला डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की मौत के बाद उनकी लगभग 60 करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। महिला ने अपने जीवनकाल में एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने धोखे और दबाव में उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची है। इस गंभीर आरोप के बाद प्रशासन ने उनकी संपत्ति को कब्जे में ले लिया है।
वृद्ध महिला डॉक्टर के परिवार में पहले उनके बेटे डॉ. रचित श्रीवास्तव का 2022 में निधन हो गया था। इसके बाद उनके पति का भी 6 दिसंबर 2024 को देहांत हो गया। महिला के नाम पर राइट टाउन के पॉश इलाके में 25 हजार वर्ग फीट जमीन थी, जिसका बाजार मूल्य लगभग 60 करोड़ रुपए है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. रचित श्रीवास्तव के दोस्त डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन ने 12 फरवरी को 11 हजार वर्ग फीट जमीन अपने नाम रजिस्टर्ड दान पत्र के माध्यम से करवा ली थी। इसके अतिरिक्त वृद्ध महिला ने 14 हजार वर्ग फीट जमीन एक धार्मिक संगठन के नाम दान कर दी थी।
बीते कुछ दिनों में महिला डॉक्टर अस्पताल में भर्ती थीं। इसी दौरान उन्होंने वीडियो बनाकर आरोप लगाया कि डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी ने धोखे से उनकी जमीन अपने नाम करवाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी स्वेच्छा से जमीन नहीं दी।
वायरल वीडियो के बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने संज्ञान लेते हुए प्रशासन की टीम को अस्पताल भेजा और महिला का बयान दर्ज कराया। उनके बयान के आधार पर एसडीएम कोर्ट में वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सुनवाई होगी। कानूनी प्रक्रिया का पालन न किए जाने और नगर निगम की अनुमति के बिना संपत्ति के स्थानांतरण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जमीन को सीज कर दिया है।
वृद्ध महिला डॉक्टर का उपचार के दौरान रविवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार उनकी बहन और गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा ग्वारीघाट में पुलिस सुरक्षा में किया गया। प्रशासन ने उनकी संपत्ति को सील कर लिया है और दान पत्र को रद्द करने की संभावना बनी हुई है।
