Tuesday, February 17

10वीं की परीक्षा से एक दिन पहले एडमिट कार्ड को लेकर साकेत के एपीजे स्कूल में हंगामा, अभिभावकों का प्रदर्शन

नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले राजधानी दिल्ली के साकेत स्थित एपीजे स्कूल के बाहर सोमवार को उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब तीन छात्रों के एडमिट कार्ड रोके जाने का मामला सामने आया। नाराज अभिभावक दिनभर स्कूल के बाहर डटे रहे और प्रदर्शन करते हुए एडमिट कार्ड जारी करने की मांग करते रहे।

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अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने कथित रूप से मनमानी फीस न देने के कारण 10वीं कक्षा के दो छात्रों और 12वीं कक्षा के एक छात्र का एडमिट कार्ड रोक लिया। अभिभावकों ने इसे बच्चों का मानसिक उत्पीड़न बताते हुए कहा कि परीक्षा से ठीक पहले ऐसा कदम छात्रों को अनावश्यक तनाव में डालने जैसा है।

अभिभावकों का आरोप: फीस विवाद के चलते बच्चों को परेशान किया जा रहा

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने बताया कि उनका स्कूल से फीस को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि वे फीस जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन चेक स्वीकार नहीं कर रहा।

10वीं की छात्रा के पिता हरीश चौधरी ने कहा कि उनकी बेटी का 17 फरवरी को गणित का पेपर है, लेकिन देर शाम तक एडमिट कार्ड नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे दिन बच्चों को परीक्षा से पहले अत्यधिक मानसिक दबाव झेलना पड़ा।

अभिभावकों ने डीएम और शिक्षा विभाग के जरिए चेक भेजने का भी दावा किया

अभिभावकों का कहना है कि वे सितंबर से स्कूल को फीस भुगतान के लिए चेक देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल ने चेक लेने से इनकार कर दिया।

अभिभावकों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के माध्यम से फीस का चेक भिजवाने की कोशिश की, लेकिन स्कूल ने वह चेक वापस लौटा दिया।

उनका कहना है कि राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग (NCPCR) के निर्देशों के बावजूद भी स्कूल उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।

चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने बताया अधिकार क्षेत्र से बाहर

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें केवल आश्वासन मिला, जबकि चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने इस मामले को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

स्कूल का पक्ष: हाई कोर्ट के पुराने आदेश का हवाला

दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हाई कोर्ट के एक पुराने आदेश के अनुसार एडमिट कार्ड जारी करने से पहले बकाया फीस का भुगतान जरूरी है। स्कूल ने इसी आदेश का हवाला देते हुए फीस जमा कराने की बात कही।

शिक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद रात में जारी हुए एडमिट कार्ड

इस पूरे मामले में सोमवार रात को अभिभावक दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद से मिले। इसके बाद छात्रों के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि कुछ परिवारों का फीस को लेकर विवाद वर्ष 2020 से चल रहा था और यह समस्या पिछले पांच वर्षों से बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि संबंधित स्कूल, अधिकारी और अभिभावकों को बुलाकर समाधान निकाला गया, जिसके बाद एडमिट कार्ड जारी किए गए।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी तनाव में न आएं और केवल परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें।

परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड रोकने पर उठे सवाल

यह मामला एक बार फिर निजी स्कूलों में फीस विवाद और छात्रों के अधिकारों को लेकर चर्चा में आ गया है। परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड रोके जाने से छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता और नाराजगी देखी गई।

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