
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चोरी की वारदातों के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां दो युवक पुलिस स्टेशन में ही चोरी करने की नीयत से पहुंचे, लेकिन उनकी किस्मत ने ऐसा पलटा खाया कि वे सीधे जेल पहुंच गए। यह घटना पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर पुलिस स्टेशन की है, जहां चोरी के प्रयास में दो आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
DFMD मशीन से बैटरी निकाल रहे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार यह घटना 11 फरवरी की है। शाम करीब 4:30 बजे दो युवक थाने में पहुंचे और पीछे रखे डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) उपकरण के साथ छेड़छाड़ करने लगे। उसी दौरान थाने में तैनात एक महिला कांस्टेबल की नजर उन पर पड़ी। उसने तुरंत हेड कांस्टेबल को सूचना दी।
जब पुलिसकर्मी पीछे पहुंचे तो उन्होंने देखा कि DFMD डिवाइस जमीन पर खोलकर रखे गए थे और उनमें से बैटरियां निकाली जा रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि यूनिट से बैटरियां गायब थीं।
रिपेयर का बहाना बनाकर बचने की कोशिश
पकड़े जाने पर दोनों युवकों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि उन्हें यूनिट की मरम्मत के लिए बुलाया गया है। लेकिन जब पुलिस ने उनसे पूछा कि उन्हें किसने बुलाया, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
पोल खुलते ही भागने लगे, पुलिस ने दबोचा
पुलिस की सख्ती बढ़ते ही दोनों युवकों की घबराहट साफ नजर आने लगी। जैसे ही उनकी सच्चाई सामने आई, दोनों आरोपी थाने के पीछे वाले गेट की ओर भागने लगे। हालांकि उनकी यह कोशिश नाकाम रही। ड्यूटी ऑफिसर और अन्य पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
शर्ट के नीचे छिपाई गई बैटरियां बरामद
पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से चोरी की गई DFMD बैटरियां बरामद हुईं, जिन्हें उन्होंने शर्ट के नीचे छिपा रखा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित (24) और राजकुमार (26) के रूप में हुई है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 303(2) (चोरी), 317(2) (चोरी का सामान रखना) और 3(5) (कॉमन इंटेंशन) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहे थे या किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं।
पहले भी सामने आ चुका है पुलिस स्टेशन में चोरी का मामला
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2024 में भी भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन के मालखाने में खड़ी दोपहिया गाड़ियों से पार्ट्स चोरी होने की घटना सामने आई थी। ऐसे मामलों ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
