
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपये के बड़े लोन फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए यूपी एसटीएफ और साइबर क्राइम थाने की संयुक्त टीम ने रविवार सुबह आईआईएम रोड स्थित सहारा होमर के पास से गिरोह के मास्टरमाइंड आमिर अहसन को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि आमिर अहसन ने बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से 100 से अधिक लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन पास कराकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह अलग-अलग बैंकों से फर्जी कंपनियों, फर्मों और व्यक्तियों के नाम पर लोन स्वीकृत कराकर रकम हड़प लेता था।
पहले ही बैंक मैनेजर समेत चार आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
इस मामले में इससे पहले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा के मैनेजर गौरव सिंह सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले में कई बड़े खुलासों की उम्मीद है।
आधार-पैन लेकर पास कराया लोन, पीड़ित को पता चला EMI मैसेज से
हजरतगंज निवासी राज बहादुर गुरुंग ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में उनके परिचित इंद्रजीत के कहने पर उन्होंने अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड लोन पास कराने के नाम पर दिया था। इसके बाद उन्हें जानकीपुरम स्थित यूनियन बैंक शाखा ले जाया गया, जहां बैंक मैनेजर द्वारा कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए।
कुछ महीनों बाद उनके मोबाइल पर ईएमआई बकाया का संदेश आया, जिससे उन्हें संदेह हुआ। जांच में पता चला कि उनके नाम पर—
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28 अप्रैल 2023 को 9.50 लाख रुपये का मुद्रा लोन
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10 मई 2023 को 1.50 लाख रुपये का कार लोन
स्वीकृत हो चुका था।
फोटो एडिट कर बनाए जाते थे फर्जी दस्तावेज
एसटीएफ के मुताबिक गिरोह आधार और पैन कार्ड पर लगी फोटो को एडिट कर अपने सदस्यों की फोटो लगा देता था। इसके बाद फर्जी कंपनियों के नाम पर कोटेशन और अन्य दस्तावेज तैयार कर बैंक कर्मियों की साठगांठ से मुद्रा लोन स्वीकृत कराया जाता था। लोन पास होते ही रकम निकालकर गिरोह उसे हड़प लेता था।
गिरफ्तार मास्टरमाइंड की पढ़ाई और नेटवर्क
एएसपी विशाल विक्रम सिंह के अनुसार आमिर अहसन ने बीए करने के साथ-साथ ड्राफ्ट्समैन में डिप्लोमा भी किया है। वर्ष 2018 में उसकी मुलाकात नावेद नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने मिलकर फर्जी लोन गिरोह की योजना बनाई और धीरे-धीरे इसका नेटवर्क फैलाया।
लग्जरी गाड़ियां, कार्ड और नकदी बरामद
एसटीएफ ने आमिर अहसन के पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। इनमें—
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एक मोबाइल फोन
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आधार कार्ड
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तीन क्रेडिट/डेबिट कार्ड
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ड्राइविंग लाइसेंस
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चार लग्जरी गाड़ियां (दो इनोवा क्रिस्टा, एक XUV-500, एक सियाज)
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नकदी
शामिल हैं।
सबूत मिटाने की कोशिश, STF कर रही खातों की जांच
एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। जांच की भनक लगने पर गिरोह के एक अन्य आरोपी ने अपना लैपटॉप और मोबाइल नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
बताया गया कि 13 सितंबर 2025 को एसटीएफ ने बैंक मैनेजर गौरव सिंह समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब आमिर अहसन की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
