
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में परिवहन व्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। मेट्रो और बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के बाद अब राज्य में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) शुरू करने की योजना पर काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार ने प्रदेश के पांच सैटेलाइट टाउन को RRTS नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में योजना बनानी शुरू कर दी है।
यदि यह परियोजना अमल में आती है तो दिल्ली-एनसीआर के बाद गुजरात देश का दूसरा ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां RRTS नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
शहरी विकास के लिए भविष्य की बड़ी योजना
गुजरात सरकार ने वर्ष 2025 को शहरी विकास वर्ष घोषित किया था। सरकार का उद्देश्य है कि बड़े शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम किया जाए और आसपास के कस्बों को योजनाबद्ध ढंग से विकसित कर सैटेलाइट टाउन का रूप दिया जाए। इसकी शुरुआत वर्ष 2005 में उस समय हुई थी जब नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे।
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष एक अहम निर्णय लेते हुए पांच कस्बों को सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इन क्षेत्रों में उद्योगों और कंपनियों के विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और भविष्य में यहां आबादी तेजी से बढ़ने की संभावना है।
पांच शहरों को मिलेगा RRTS कनेक्शन
अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी विकास विभाग इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तकनीकी रूपरेखा तैयार कर रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार RRTS के जरिए—
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साणंद को अहमदाबाद से
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सावली को वडोदरा से
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कलोल को गांधीनगर से
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बारडोली को सूरत से
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हीरासर को राजकोट से
जोड़ा जाएगा।
इन सभी मार्गों का उद्देश्य शहरों के बीच तेज, आधुनिक और भरोसेमंद इंटरसिटी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
अहमदाबाद-साणंद रूट सबसे पहले
सरकार की प्राथमिकता में पहला RRTS कॉरिडोर अहमदाबाद-साणंद के बीच प्रस्तावित माना जा रहा है। संभावना है कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी निविदाएं (टेक्निकल बिड) भी आमंत्रित की जाएंगी।
मेट्रो का विस्तार, बुलेट ट्रेन भी तैयार
गुजरात में फिलहाल अहमदाबाद मेट्रो का संचालन सफलतापूर्वक हो रहा है और इसका नेटवर्क गांधीनगर तक विस्तारित किया जा चुका है। वहीं सूरत मेट्रो की शुरुआत वर्ष 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी तेजी से कार्य जारी है। संभावना है कि गुजरात में इसी वर्ष बुलेट ट्रेन का संचालन प्रारंभ हो सकता है, जबकि पूरा कॉरिडोर वर्ष 2029 तक शुरू होने की उम्मीद है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले गुजरात का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की तैयारी
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहे गुजरात में सरकार बुनियादी ढांचे को अत्याधुनिक बनाने पर जोर दे रही है। RRTS परियोजना इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिससे यातायात सुविधा बेहतर होगी और औद्योगिक क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
