
अररिया: जिले में गुरुवार को हुए एक विवाद ने स्वास्थ्य व्यवस्था में हलचल मचा दी। जिले के ADM डॉ रामबाबू ने निजी अस्पताल की जांच के दौरान डॉक्टर दीपक कुमार को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई। पूरे मामले का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है। इस घटना के विरोध में अररिया जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
घटना कैसे हुई
12 फरवरी को डीएम विनोद दुहन के निर्देश पर जिले के नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी लैब्स की जांच के लिए दो धावा दल बनाए गए थे। इनमें से एक दल का नेतृत्व ADM डॉ रामबाबू कर रहे थे।
धावा दल फारबिसगंज के बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंचे, जहाँ अस्पताल प्रबंधन और दल के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। इसी दौरान ADM ने डॉक्टर दीपक कुमार को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद दोनों ओर से मारपीट हुई।
डॉक्टरों ने बंधक बनाया धावा दल
मारपीट के बाद डॉक्टरों के समर्थकों ने धावा दल के सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी, अनुमंडल निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कृष्ण और थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद बंधक बनाए गए अधिकारी और पुलिसकर्मी सुरक्षित बाहर निकाले गए।
धावा दल में ADM डॉ रामबाबू, पीएचसी प्रभारी डॉ दीपक कुमार सिंह, फारबिसगंज पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव बसाक, अंचलाधिकारी पंकज कुमार, सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार और पुलिस जवान शामिल थे।
प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर
इस पूरे विवाद ने अररिया जिले के प्राइवेट डॉक्टरों को गुस्से में ला दिया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और भाषा ने मामले को गंभीरता से लिया। अररिया, पूर्णिया और सुपौल जिलों के डॉक्टरों ने भी इस घटना पर चिंता जताई। इसके बाद शुक्रवार को जिले के सभी प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
पीड़ित डॉक्टर का बयान
बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के संचालक डॉ दीपक कुमार ने बताया कि सीसीटीवी में पूरी घटना कैद है। उन्होंने बताया कि धावा दल ने पहले दुर्व्यवहार किया और इसके बाद मारपीट शुरू हुई। हालांकि उन्होंने और उनके कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा के लिए ही कुछ कदम उठाए।
सिविल सर्जन भी पहुंचे
सूचना मिलने पर सिविल सर्जन डॉ के के कश्यप भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि धावा दल का गठन डीएम के निर्देश पर जिले में संचालित निजी अस्पतालों की मानकों के अनुसार जांच के लिए किया गया था।
IMA का कड़ा रुख
IMA फारबिसगंज शाखा के सचिव डॉ अतहर ने कहा कि मामले को IMA और भाषा ने गंभीरता से लिया है। अररिया, पूर्णिया और सुपौल जिलों के साथ राज्य स्तर पर भी मीटिंग की गई है। राज्य स्तर पर डॉक्टर बड़ा निर्णय लेने की स्थिति में हैं।
