Wednesday, February 11

केले के छिलके से पौधों को दें ताकत, माली ने बताया सही तरीका

नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026: घर में खाने के बाद अक्सर केले के छिलके बेकार समझकर फेंक दिए जाते हैं, लेकिन गार्डनिंग एक्सपर्ट अंजली सारस्वत का कहना है कि यह पौधों के लिए सबसे बढ़िया जैविक उर्वरक साबित हो सकते हैं। केले के छिलकों में मौजूद पोटेशियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस पौधों की वृद्धि और फूलों की पैदावार बढ़ाने में मदद करते हैं।

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केले के छिलकों के इस्तेमाल के तीन तरीके:

  1. लिक्विड फर्टिलाइजर बनाना:
    ताजे केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटें और पानी से भरे जार या बाल्टी में डाल दें। इसे तीन दिन के लिए छायादार जगह पर ढककर रखें और बीच-बीच में लकड़ी से हिलाते रहें। तीन दिन बाद, घोल गहरा भूरा हो जाएगा। इसे छानकर बराबर मात्रा में पानी मिलाकर पौधों की जड़ों में दें। यह तरीका फूलों को जल्दी खिलने में मदद करता है।

  2. छिलकों का सीधे उपयोग:
    अगर समय कम हो तो छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर गमले की मिट्टी में दबा दें। धीरे-धीरे ये काले होकर मिट्टी में मिल जाएंगे और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएंगे। यह तरीका ह्यूमस बढ़ाने और मिट्टी के टेक्सचर को सुधारने के लिए असरदार है।

  3. धूप में सुखाकर पाउडर बनाना:
    केले के छिलकों को तेज धूप में पूरी तरह सुखा लें। इसके बाद इन्हें मिक्सर में पीसकर महीनों तक एयरटाइट डिब्बे में स्टोर किया जा सकता है। पाउडर खाद को गमले की हल्की गुड़ाई के बाद मिट्टी पर छिड़कें और मिट्टी से ढक दें। मोटे हिस्से को फेंकने के बजाय होम कंपोस्ट बिन में डालें।

माली की सलाह:
अंजली सारस्वत के अनुसार, केले के छिलकों का सही और नियमित इस्तेमाल पौधों को तेजी से बढ़ने, अधिक फूल खिलाने और फल देने में मदद करता है। यह तरीका न केवल पौधों के लिए लाभकारी है बल्कि घर में जैविक उर्वरक बनाने का सबसे किफायती उपाय भी है।

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