
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में हलचल उस समय तेज हो गई जब एआई डेवलपर कंपनी Anthropic की सेफगार्ड्स रिसर्च टीम के प्रमुख मृणांक शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। खास बात यह रही कि नौकरी छोड़ते वक्त उन्होंने एक गंभीर चेतावनी भी दी, जिससे टेक इंडस्ट्री में नई बहस छिड़ गई है।
मृणांक शर्मा ने 9 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की। अपने विदाई संदेश में उन्होंने कहा कि AI और अन्य वैश्विक संकटों के कारण दुनिया खतरे में है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि बड़ी कंपनियों में अक्सर नैतिक मूल्यों के बजाय दूसरे दबाव ज्यादा हावी हो जाते हैं।
AI से खतरे को लेकर दी गंभीर चेतावनी
मृणांक शर्मा ने अपने पोस्ट में इशारों में कहा कि तकनीक की तेज रफ्तार दौड़ में कंपनियां कई बार सुरक्षा और नैतिकता जैसे पहलुओं को पीछे छोड़ देती हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर AI सिस्टम पर सही नियंत्रण और दिशा नहीं रखी गई, तो इसका असर समाज पर गहरा और खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह टेक्नोलॉजी की दुनिया छोड़कर कविता और लेखन के क्षेत्र में नई राह तलाशेंगे।
सेफगार्ड्स रिसर्च टीम के हेड थे मृणांक
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, Anthropic ने फरवरी 2025 में अपनी ‘Safeguards Research Team’ बनाने की घोषणा की थी। इस टीम का उद्देश्य AI से जुड़े संभावित जोखिमों को पहचानना और उन्हें कम करने की रणनीति तैयार करना था।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मशीन लर्निंग में पीएचडी कर चुके मृणांक शर्मा ने अगस्त 2023 में Anthropic जॉइन किया था। वे AI सिस्टम्स के सुरक्षा उपायों और सामाजिक प्रभावों पर रिसर्च कर रहे थे।
AI चैटबॉट्स को लेकर अहम रिसर्च
मृणांक शर्मा की टीम ने AI चैटबॉट्स से जुड़े कई अहम पहलुओं पर काम किया। इनमें मुख्य रूप से—
यूजर्स की जरूरत से ज्यादा तारीफ करने वाले चैटबॉट्स की समस्या
AI के जरिए गलत या गैरकानूनी कामों को रोकने के उपाय
AI के सामाजिक और मानसिक प्रभाव
जैसे मुद्दे शामिल थे।
नई स्टडी में बताया- AI बिगाड़ सकता है लोगों का नजरिया
मृणांक शर्मा ने हाल ही में एक स्टडी प्रकाशित की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि AI चैटबॉट्स का लगातार उपयोग लोगों के हकीकत को देखने के नजरिए को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसी हजारों घटनाएं हर दिन सामने आ रही हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर मामले कम हैं, लेकिन रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और सेहत जैसे विषयों पर AI का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसे AI सिस्टम विकसित करने होंगे जो इंसान की स्वतंत्रता और भलाई का समर्थन करें, न कि उसे भ्रमित करें।
Anthropic के नए टूल से मचा था बाजार में हड़कंप
मृणांक शर्मा के इस्तीफे की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हो रही है क्योंकि हाल ही में Anthropic द्वारा लॉन्च किए गए एक नए AI टूल ने दुनिया भर की टेक कंपनियों को हिला दिया था। इस टूल के बाद खासतौर पर भारत और अमेरिका की आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी।
निवेशकों को आशंका है कि AI के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण पारंपरिक सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विस कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर खतरा बढ़ सकता है।
बताया जा रहा है कि Anthropic का यह टूल केवल टेक्निकल काम नहीं बल्कि लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कई क्षेत्रों में भी प्रभावी तरीके से काम कर सकता है।
टेक इंडस्ट्री में नई बहस
Anthropic जैसे बड़े AI संस्थान के वरिष्ठ रिसर्चर का इस्तीफा और जाते-जाते दी गई चेतावनी यह संकेत दे रही है कि AI के विकास के साथ-साथ सुरक्षा, नैतिकता और मानवता से जुड़े सवाल भी तेजी से बड़े होते जा रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में AI कंपनियों को सिर्फ इनोवेशन नहीं बल्कि जिम्मेदारी के साथ भी आगे बढ़ना होगा।
