
जयपुर/नोएडा। ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी में कथित ईसाई धर्मांतरण गिरोह का खुलासा होने के बाद जांच का दायरा अब राजस्थान तक पहुंच गया है। इस मामले में राजस्थान के बांसवाड़ा निवासी सुरेश की भूमिका सामने आने के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) ने जांच तेज कर दी है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से लंबे समय से सक्रिय था।
व्हाट्सएप ग्रुप से चल रहा था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को जोड़ता था। इसी ग्रुप में रणनीति तैयार की जाती थी और नए लोगों को प्रार्थना सभाओं में शामिल कराया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 250 से अधिक धार्मिक पुस्तकें, प्रचार पर्चे, पोस्टर और अन्य सामग्री जब्त की है।
गरीब और कमजोर वर्ग की महिलाओं को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार यह गिरोह मुख्य रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें मुफ्त शिक्षा, बच्चों को किताबें, कपड़े, टॉफी, महिलाओं की शादी कराने और अन्य सहायता का लालच देकर प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता था। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया जाता था।
‘पवित्र प्रक्रिया’ बताकर जबरन उल्टी कराने का आरोप
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि कुछ मामलों में महिलाओं से जबरन उल्टी (वॉमिटिंग) करवाई जाती थी और इसे ‘पवित्र प्रक्रिया’ बताकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस इन गंभीर आरोपों की भी जांच कर रही है।
पत्नी और साली भी थीं सक्रिय
पुलिस का कहना है कि आरोपी सुरेश के साथ उसकी पत्नी और साली भी इस गतिविधि में शामिल थीं। तीनों मिलकर महिलाओं और बच्चों को बहला-फुसलाकर प्रार्थना सभाओं में बुलाते और धर्मांतरण की दिशा में मानसिक दबाव बनाते थे।
दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
थाना बीटा-2 पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में
सुरेश पुत्र शंकर लाल, निवासी बांसवाड़ा (राजस्थान), वर्तमान पता सिग्मा-2, गौतमबुद्ध नगर
और चंद किरण पुत्र गजेसिंह प्रजापति, निवासी ऐच्छर शामिल हैं।
दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और नेटवर्क के विस्तार की जांच भी की जा रही है।
रविवार को होती थी प्रार्थना सभा, लाइव रिकॉर्डिंग का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया है कि हर रविवार को होने वाली प्रार्थना सभाओं की कैमरे से लाइव रिकॉर्डिंग की जाती थी और उसे अन्य लोगों तक प्रसारित किया जाता था।
फिलहाल पुलिस और एलआईयू पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
