
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस विभाग की छवि को धक्का देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर धागा कारोबारी का अपहरण कर उससे 20 लाख रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद कराई गई गोपनीय जांच में आरोप सही पाए गए हैं। जांच के दौरान 15 लाख रुपये बरामद होने के बाद दोनों आरोपी दरोगा फरार हो गए हैं। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित कारोबारी राशिक, निवासी लिसाड़ी गेट, पेशे से धागा कारोबारी है। उसका मेरठ के साथ-साथ दुबई में भी प्रॉपर्टी और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का व्यवसाय बताया जा रहा है। हाल ही में जमीन बिक्री से उसे बड़ी रकम प्राप्त हुई थी, जिसकी भनक लगते ही पुलिस के एक मुखबिर ने उसे निशाना बनाया और दो दरोगाओं के साथ मिलकर वसूली की साजिश रच डाली।
2023 बैच के दरोगाओं पर आरोप
बताया जा रहा है कि आरोपी दोनों दरोगा वर्ष 2023 बैच के हैं। आरोप है कि उन्होंने कारोबारी को जबरन उठाकर सोना तस्करी के झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उससे 20 लाख रुपये वसूल लिए।
दोबारा मांगे 10 लाख, कारोबारी ने की शिकायत
वसूली के बाद भी आरोपी दरोगाओं का लालच खत्म नहीं हुआ। करीब सात दिन बाद उन्होंने कारोबारी को फोन कर 10 लाख रुपये और मांगने शुरू कर दिए। इस बार कारोबारी ने चुप रहने के बजाय साहस दिखाते हुए एसएसपी और एसपी सिटी से शिकायत कर दी।
फोन लोकेशन और सीसीटीवी से खुली पोल
शिकायत के बाद पुलिस अधिकारियों ने गोपनीय जांच शुरू कराई। जांच में कारोबारी और दोनों दरोगाओं की मोबाइल लोकेशन निकाली गई, जिसमें वसूली के दिन और समय पर तीनों की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई। इसके अलावा कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिसमें कारोबारी को बंधक बनाकर घुमाने वाली कार दिखाई दी है।
15 लाख बरामद, पांच लाख का बहाना बनाकर हुए फरार
पुलिस जांच आगे बढ़ने पर दोनों दरोगाओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ के दौरान उनके पास से 15 लाख रुपये बरामद कर लिए गए। बताया जा रहा है कि शेष 5 लाख रुपये देने की बात कहकर दोनों दरोगा मौके से फरार हो गए। इसके बाद थाने में उनकी गैरहाजिरी दर्ज कर दी गई है और उनकी तलाश तेज कर दी गई है।
मुकदमा दर्ज करने की तैयारी, निलंबन और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू
पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की तैयारी पूरी कर ली है। दोनों दरोगाओं के खिलाफ वसूली, अवैध हिरासत, अपहरण, धमकी और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। मुकदमा दर्ज होते ही उन्हें निलंबित कर बर्खास्तगी की रिपोर्ट शासन को भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले की जांच को और विस्तार दिया जा रहा है।
