
कनाडा में पढ़ाई करने गए कई स्टूडेंट्स चाहते हैं कि उन्हें यहां स्थायी रूप से रहने का मौका मिले। हालांकि, स्टूडेंट्स के लिए PR का रास्ता लंबा होता है – पहले उन्हें अपनी डिग्री पूरी करनी होती है, फिर कनाडा में जॉब करना पड़ता है, और उसके बाद ही वे PR के लिए योग्य माने जाते हैं।
लेकिन अगर स्टूडेंट अपने जीवनसाथी (स्पाउज) के साथ कनाडा आता है, तो कई बार स्पाउज को जल्दी PR मिल जाता है। इसकी वजह है स्पाउजल ओपन वर्क परमिट (SOWP)।
स्पाउज को जल्दी PR कैसे मिलता है?
अगर स्टूडेंट ऐसा कोर्स कर रहा है, जो ओपन वर्क परमिट के लिए योग्य है, तो स्टूडेंट के साथ आए स्पाउज को SOWP मिल सकता है। इसका मतलब है कि स्टूडेंट पढ़ाई कर रहा होगा और स्पाउज कनाडा में आसानी से काम कर सकता है।
PR पाने का मुख्य रास्ता कनाडा में एक्सप्रेस एंट्री प्रोग्राम है। इसके तहत कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास (CEC) के माध्यम से ऐसे लोग PR पा सकते हैं, जिनके पास कनाडा का वर्क एक्सपीरियंस हो। SOWP पर काम करने से स्पाउज को यह वर्क एक्सपीरियंस हासिल हो जाता है और वह CEC के तहत PR के लिए योग्य हो सकता है, भले ही स्टूडेंट की पढ़ाई अभी जारी हो।
उदाहरण से समझें
सुरेश और सुनीता कनाडा जाते हैं। सुरेश दो वर्षीय मास्टर कोर्स के लिए कनाडाई यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेता है और स्टडी परमिट जारी होता है। वह पढ़ाई शुरू करता है और सुनीता को SOWP मिलता है। सुनीता कनाडा में इंडस्ट्रियल डिजाइनर के रूप में काम करती है।
साल भर काम करने के बाद सुनीता CEC के तहत PR के लिए योग्य हो जाती है। एक्सप्रेस एंट्री प्रोफाइल बनाने के लिए वह अपनी एजुकेशन, वर्क एक्सपीरियंस और भाषा योग्यता की जानकारी देती है।
सुरेश अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के लिए अप्लाई करता है और तीन साल के लिए काम करता है। इस दौरान सुनीता नया SOWP ले लेती है और कुल वर्क एक्सपीरियंस तीन साल का हो जाता है। इसके बाद CEC ड्रॉ के माध्यम से उसे ‘इंविटेशन टू अप्लाई’ (ITA) मिलता है और वह PR के लिए आवेदन सब्मिट कर देती है।
इस तरह, पति अभी पढ़ाई कर रहा हो, लेकिन पत्नी को कनाडा में PR जल्दी मिल सकता है, और दोनों स्थायी रूप से वहां बस सकते हैं।